औंग। गोधरौली गांव में पेयजल का गंभीर संकट गहरा गया है। एनजीटी के आदेश के बाद गांव के सभी हैंडपंप और सबमर्सिबल बंद कर दिए गए हैं। भूजल में हानिकारक तत्व मिलने के कारण यह कदम उठाया गया है। ग्रामीणों को अब 500 से 700 मीटर दूर खड़े टैंकरों से पानी लाना पड़ रहा है। गांव में टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। संकरी गलियों के कारण टैंकर घरों तक नहीं पहुंच पाते हैं। हैंडपंपों से हरा पानी निकल रहा है। इससे मवेशी भी प्यास से बेहाल हैं।
गांव के शिवगोपाल ने बताया कि वह कानपुर में नौकरी करते हैं। उनकी पत्नी और बच्चे गांव में रहते हैं। सप्ताह में दो दिन उन्हें कानपुर से गोधरौली आना पड़ता है। यह उन्हें परिवार के लिए पानी लाने के लिए करना पड़ता है। उनका परिवार इतनी दूर से पानी लाने में असमर्थ है।
गांव की गीता देवी ने बताया कि पूरे गांव के लिए सिर्फ एक टैंकर पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे लोगों को जरूरत का पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी के लिए लंबी लाइन लगती हैं। कुछ ही देर में टैंकर खाली हो जाता है। आबादी के हिसाब से टैंकरों की संख्या कम है। ग्रामीणों ने टैंकरों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
ब्लॉक मलवां के बीडीओ कमलेश बहादुर सिंह ने बताया कि पेयजल आपूर्ति को लेकर प्रशासन गंभीर है। ब्लॉक से पानी के चार टैंकर लगे हैं। एनटीजी के भी पांच टैंकर लगे हुए हैं। संकरी गलियों में पाइप जरिए जलापूर्ति का प्रयास किया जा रहा है।