ांजी हाउस में बीमार मवेशी। संवाद
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बहुआ। गोशालाओं में फैली अव्यवस्थाएं सिर चढ़ कर बोल रही हैं। यहां मवेशियों के लिए चूनी-चोकर की व्यवस्था है और न ही हरा चारा मिलता है। दिनभर में एक बार सूखा भूसा डाल दिया जाता है। जिससे मवेशियों का पेट नहीं भरता है और वह इसे खाकर बीमार पड़ जाते हैं।
कस्बे में जिला पंचायत का कांजी हाउस है, जिसमें अन्ना मवेशियों को रखा गया है। यहां पर 43 गोवंश हैं। मवेशियों को चारा के नाम पर सिर्फ सूखा भूसा और पुआल दिया जाता है।
पेट भर चारा न मिलने के कारण मवेशी दुबले होकर बीमार पड़ रहे हैं। कई मवेशी ऐसे है, जिनमें अब चलने का सामर्थ्य तक नहीं बचा है। जमीन पर बीमार पड़े मवेशियों के लिए भी हरे चारे की व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में मवेशियों की एक-एक करके मौत हो रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.आरडी अहिरवार ने कहा कि गोवंशों के इलाज के लिए पशु चिकित्सक लगाए गए हैं।
बीमारी मवेशियों का इलाज किया जाता है, लेकिन गोशाला में ज्यादातर मवेशी पेट भर चारा न मिलने के कारण कमजोर हो जाते हैं। इसी कारण से उनमें चलने-फिरने की क्षमता खत्म हो जाती है।
कांजी हाउस बहुआ में सूखा भूसा खाते मवेशी। संवाद- फोटो : FATEHPUR