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धान कटौती के नाम पर किसान से रुपए लेने का वीडियो वायरल, सचिव समेत दो गए जेल

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पुलिस हिरासत में सीतापुर सहकारी समिति के सचिव त्रिभुवन मौर्य व पूर्व सचिव राजेंद्र सिंह। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। धान खरीद में कटौती न करने के लिए किसान से रुपये लेने का वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने मामले को संज्ञान लिया है। मंगलवार रात समिति सचिव समेत दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। रात में ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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साधन सहकारी समिति को पीसीएफ का क्रय केंद्र बनाया गया है। जिसमें किसानों से धान की खरीद की जा रही है। मंगलवार देर रात एक वीडियो वायरल हुआ।
जिसमें समिति के सचिव त्रिभुवन मौर्य व पूर्व सचिव राजेंद्र सिंह किसान से कराई गई धान की तौल में जो कटौती करनी थी। उसे नहीं करने के बदले में नगद रुपये ले रहे थे।
किसान ननकवा ने रुपये देने का वीडियो बनाकर जिला खाद्य विपणन अधिकारी को भेजा। अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। लेकिन अधिकारियों ने मामले को संज्ञान लिया।
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एआर सहकारिता व पीसीएफ जिला प्रबंधक को एफआईआर कराने के निर्देश दिए। जिला प्रबंधक रोहित गुप्ता ने मंगलवार रात 12 बजे थरियांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद एआर सहकारिता रामनयन सिंह व जिला प्रबंधक सीतापुर समिति पहुंचे। जहां से रात में ही सचिव त्रिभुवन मौर्य व पूर्व सचिव राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया।
सेवानिवृत्त होने के बाद भी नहीं हटे राजेंद्र सिंह
सीतापुर सहकारी समिति से वर्ष 2018 में राजेंद्र सिंह सेवानिवृत्त हो गए थे। इनके बाद बहरामपुर साधन सहकारी समिति के सचिव त्रिभुवन मौर्य को सीतापुर समिति का चार्ज दिया गया। चार्ज तो त्रिभुवन का था, लेकिन पूरा काम पूर्व सचिव राजेंद्र ही कर रहे थे।
इस पर सहकारिता विभाग के अधिकारी भी अंजान बने रहे। वर्ष 2018 से अब तक धान, गेहूं की बराबर खरीद हुई है, जिसमें पूर्व सचिव राजेंद्र सिंह ही खरीद करते रहे। अधिकारियों के निरीक्षण में भी राजेंद्र सिंह ही जवाब देते रहे। ऐसे में कहीं न कहीं सहकारिता विभाग के अधिकारी भी संशय के घेरे में हैं।
क्रय केंद्र में डंप है करीब ढाई हजार क्विंटल धान
सीतापुर सहकारी समिति में करीब ढाई हजार क्विंटल धान किसानों का डंप है, जो अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे थे। अब केंद्र प्रभारी के जेल जाने से खरीद बंद हो गई है। जिन किसानों का धान सीतापुर सहकारी समिति में पड़ा है, उनकी दिक्कतें बढ़ गई है। अब धान खरीद शुरू न हुई तो किसानों को धान लाद कर दूसरे क्रय केंद्र ले जाना पड़ेगा।
सीतापुर क्रय केंद्र में धान की खरीद न बाधित हो। इसके लिए एआर सहकारिता रामनयन सिंह व पीसीएफ प्रबंधक रोहित कुमार गुप्ता से दूसरा केंद्र प्रभारी तैनात कराने के लिए कहा गया है। ताकि किसानों के धान को खरीद जा सके। किसी भी क्रय केंद्र में अगर धान खरीद में किसानों का शोषण किया जाता है, तो कार्रवाई की जाएगी। - अविनाश झा, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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