फतेहपुर। डीएपी के लिए हो रही जद्दोजहद के बाद दो अलग-अलग वीडियो वायरल हुए हैं। पहले में चाचा ने भतीजे को डीएपी न मिलने के कारण सल्फास खाने की बात कही। वहीं बाद में सहकारी समिति पहुंच कर भतीजे ने इस बात से इनकार किया और डीएपी के लिए दो दिन से सहकारी समिति में लाइन लगाने का वीडियो वायरल किया।
थरियांव क्षेत्र की सहकारी समिति में बुधवार शाम को डीएपी भेजी गई। डीएपी लेने वाले किसानों की गुरुवार सुबह से समिति में लाइन लग गई। भीड़ अधिक होने के कारण समिति के सचिव त्रिभुवन मौर्य ने दो और लोगों की मदद से डीएपी का वितरण शुरू कराया।
जिसमें एक लोग किसान से आधार लेकर रजिस्टर में नाम लिखना और दूसरा व्यक्ति ई-पॉस मशीन में किसानों का अंगूठा लगवा रहा था। शुक्रवार दोपहर अचानक एक वृद्ध ने वीडियो वायरल किया कि उसके भतीजे ने सल्फास खा लिया है।
वीडियो के माध्यम से कहा कि भतीजा दो दिन से डीएपी के लिए लाइन लगा रहा था, लेकिन उसे खाद नहीं मिली तो सल्फास खा लिया, जिसे जिला अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया है।
सल्फास खाने की सूचना पर समिति के सचिव व अन्य लोगों में हड़कंप मच गई। वीडियो वायरल करने वाले चाचा को आनन-फानन तीन बोरी डीएपी देकर रवाना किया गा।
इसके थोड़ी ही देर में भतीजा भी समिति में आ गया और वीडियो वायरल के माध्यम से कहा कि सल्फास खाने पर ही डीएपी मिलेगी क्या। समिति में डीएपी लेने आए हैं। सल्फास खाने का वीडियो वायरल करने के पीछे क्या मंझा रही है। यह मुझे नहीं मालूम है।