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ईंट से कूंचकर हत्या के बाद युवती को ट्रैक्टर से कुचला था

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पुलिस हिरासत में हत्या आरोपी। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। गाजीपुर थाना क्षेत्र के वलीपुर गांव में युवती की हत्या कर शव फेंकने के मामले में बांदा के सगे भाइयों को पुलिस ने जेल भेजकर घटना का खुलासा किया है। शादी का दबाव बनाने पर युवती की हत्या करने की बात सामने आई है।
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पुलिस लाइन में जाफरगंज सीओ संजय सिंह ने रविवार को वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि गाजीपुर थाने के वलीपुर गांव किनारे सड़क पर 18 फरवरी की सुबह एक युवती का शवपड़ा मिला था।
जिसकी पहचान जहानाबाद थाने के गोकुलपुर निवासी कुंवरलाल निषाद की पुत्री अनीता के रूप में तीन मार्च को हुई थी। अनीता के भाई अरविंद की ओर से बांदा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र के गुखराही निवासी अभिमन्यु सिंह उर्फ अजीत पुत्र कामता सिंह के खिलाफ बहन की हत्या कर शव गायब किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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इसके बाद पुलिस ने रविवार सुबह अभिमन्यु और उसके भाई अमित उर्फ मुखिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में अभिमन्यु और अमित ने हत्या करना कबूल किया है।
सीओ ने बताया कि अभिमन्यु और अनीता की दोस्ती फेसबुक से हुई थी। जो प्रेम प्रसंग में बदल गई। अनीता शादी के लिए पिछले तीन माह से अभिमन्यु पर दबाव बना रही थी। वह अनीता को टरका रहा था।
कई बार अभिमन्यु के घर भी अनीता पहुंच जाती थी। तब अभिमन्यु ने छोटे भाई अमित के साथ मिलकर अनीता की हत्या करने की योजना बनाई। 17 फरवरी की शाम अभिमन्यु ने अनीता को घर बुुलाया।
जहां अभिमन्यु ने अनीता से फतेहपुर में कोर्ट मैरिज करने की बातचीत की। करीब रात नौ बजे अभिमन्यु, अमित और अनीता ट्रैक्टर से फतेहपुर को निकले। करीब रात दो बजे गाजीपुर थाने के वलीपुर गांव के पास अभिमन्यु ने शौच के बहाने ट्रैक्टर रोका।
इसके बाद ईंट से अनीता पर दोनों भाइयों ने हमला किया। वह बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद दो बार ट्रैक्टर अनीता पर ट्रैक्टर चढ़ाकर भाग निकले थे। हत्या में प्रयुक्त ट्रैक्टर बरामद कर लिया गया है।
मृतका के परिजनों ने अभिमन्यु से की थी पूछताछ
मृतका अनीता के घरवालों को उसके अभिमन्यु से प्रेम संबंध होने की जानकारी थी। करीब सात साल से अनीता शहर के आबूनगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। अनीता की 17 फरवरी की शाम मां से बातचीत भी हुई थी।
जिसमें अनीता ने मां को अभिमन्यु से मिलने जाने की बात बताई थी। इसके बाद से अनीता का मोबाइल बंद हो गया। दूसरे दिन भी अनीता की परिजनों से बातचीत नहीं हुई। तब उन्होंने अभिमन्यु को बार-बार फोन करके अनीता के बारे में पूछा।
वह अनीता के घर आने की बात नकारता रहा और खुद भी खोजबीन करने का नाटक करता रहा। कई दिन बाद अभिमन्यु ने एक शव वलीपुर गांव में मिलने की बात परिजनों को बताई। जिसके बाद परिजन गाजीपुर थाने पहुंचे।
परिवार की होने लगी थी बेइज्ज्ती
हत्यारोपी अभिमन्यु ने कबूल किया कि अनीता उसके पीछे पड़ गई थी। वह अक्सर घर आ जाती थी। यह बात पूरे गांव में फैल गई थी। गांव में परिवार की बदनामी होने लगी थी। अनीता तीन माह पहले उससे मिलने के लिए इंदौर भी पहुंची थी। मामला परिवार का होने के कारण भाई का अमित ने साथ निभाया। अभिमन्यु इंदौर में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था।
अजीत नाम से अभिमन्यु से बनाई थी आईडी
अभिमन्यु ने फेसबुक पर अजीत नाम से आईडी बनाई थी। उसी आईडी के जरिये अनीता की उससे जान-पहचान हुई थी। पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर फेसबुक आईडी के स्क्रीन शॉट, फोन नंबर पर बातचीत का सीडीआर इकट्ठा किया है। सीडीआर से दोनों के नंबरों पर अक्तूबर 2021 से काफी बातचीत होने का पता लगा है।
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