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कारोबारी के रिश्तेदार को युवती ने रात को फोन किया था

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फतेहपुर। प्रापर्टी कारोबारी हत्याकांड में युवती के बयान और मोबाइल काल की सीडीआर से हत्या का राज खुलेगा। करीब रात 12 बजे युवती ने कारोबारी के एक रिश्तेदार को फोन किया और उससे बाइक लेकर जाने को बोला था। पुलिस हत्या की गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। वह मृतक समेत कई मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाल रही है।
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प्रापर्टी कारोबारी शिवशरण यादव के प्रेम प्रसंग के बारे में दोनों परिवारों को जानकारी थी। पुलिस को रात में ग्रामीणों ने एक महिला की चीख-पुकार सुनकर मौके पर एकत्र होने की जानकारी दी थी। पुलिस को मौके पर बाइक पड़ी मिली थी।
पुलिस ने आसपास नहर के रास्ते में खोजबीन की थी, लेकिन कोई नहीं मिला था। सुबह शव मिलने की खबर फैली। शव ऐसी जगह पर पड़ा था, जहां एक बार में लोगों की नजर नहीं पड़ सकती है।
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पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक शिवशरण के एक रिश्तेदार को युवती ने रात करीब 12 बजे फोन किया था। युवती ने शिवशरण की बाइक अतरहा पुल पर लावारिस हालत में पड़ी होने की जानकारी दी थी।
इससे साफ है कि युवती घटना के बारे में मृतक के परिजनों को जानकारी देना चाहती थी। वह लोग रात को नहीं पहुंचे और न ही पुलिस से संपर्क किया। परिवार के लोग सुबह पहुंचे।
पुलिस युवती से पूछताछ में जुटी है। युवती के बयान के आधार पर हत्याकांड का राजफाश हो सकता है। पुलिस ने मृतक के मोबाइल नंबर, युवती, उसके परिवार के मोबाइल नंबरों का सीडीआर खंगाल रही है। प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह रघुवंशी ने बताया कि हत्याकांड को लेकर कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है।
कई लोगों के शामिल होने का आशंका
प्रापर्टी कारोबारी शिवशरण हत्याकांड में कई लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। उसकी मौत गोली लगने से हुई है। गोली दिल में मारी गई है। माना जा रहा है कि कातिल पहले कारोबारी के आने का इंतजार कर रहे होंगे।
उसके पहुंचते ही उसे पकड़ लिया और निशाना लगाकर गोली मारी दी। रात में फायरिंग से पास स्थित गांव के लोग अंजान रहे। ग्रामीण हत्यारोपी गोरेलाल का स्वभाव काफी शांत होना बता रहे हैं।
ग्रामीणों में चर्चा रही कि बाइक सवार दो नकाबपोश शाम से पुल के आसपास घूमते देखे गए थे। पुलिस रात को 112 नंबर पर फोन करने वाले एंबुलेंस चालक से पूछताछ करेगी। कयास लगाए जा रहे एंबुलेंस को देखकर ही हत्यारोपी भागे होगे।
तलाशी में दो मोबाइल, नकदी मिली
पुलिस को मृतक के कपड़ों की तलाशी में दो मोबाइल, पांच हजार रुपये नकद मिले हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि कातिलों का मकसद सिर्फ हत्या करना था। हत्यारोपी भी करीबी रिश्ता रखने वाले हैं। भाड़े के हत्यारे होते तो वह नकदी में जरूर हाथ साफ कर देते।
चौकी प्रभारी से उलझा भांजा
घटनास्थल पर शव निकलवाने पहुंचे चौकी प्रभारी मुकेश सिंह से मृतक का भांजा पंकज यादव उलझ गया। पंकज ने बताया कि पुलिस परिजनों की ही डांट रही थी। इसलिए नोंकझोंक हो गई।
प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह रघुवंशी ने पंकज को समझाकर मामले को शांत कराया। मृतक की एक तीन साल की बेटी आयशा है। मृतक प्रधान का चुनाव भी लड़ चुका है। वह करीब 50 बीघा जमीन का काश्तकार था।
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