फतेहपुर। तेजी से मौसम बदलने के साथ ही तापमान में भी वृद्धि हो रही है। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ रही है। किसानों की मानें तो लगातार बढ़ता तापमान गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है।
इससे गेहूं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इससे पहले सरसों की फसल में इसका असर देखने को मिला था। ऐसे में अगर तेज हवा चली तो गेहूं की बालियों में बन रहे दानों का विकास प्रभावित होगा।
मार्च के दूसरे पखवारे में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकतम पारा 37 डिग्री और न्यूनतम पारा 19 डिग्री दर्ज किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव के मौसम विशेषज्ञ वसीम खान ने बताया कि इस समय गेहूं के फसल की हल्की सिंचाई करें।
पिछैती फसल में अभी गेहूं का दाना पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है। ऐसे में सिंचाई न की गई तो गर्म मौसम में गेहूं का दाना सिकुड़ जाएगा और पैदावार कम हो जाएगी। दिन में हवा चलने के कारण सिंचाई की गई फसलें गिर सकती हैं। इससे बचाव के लिए किसान रात को हल्की सिंचाई करें।
मौसम में बदलाव और गर्मी बढ़ने से हर फसल प्रभावित होगी। गेहूं की फसल भी इससे अछूती नहीं। किसान को सचेत रहना होगा। ताकि नुकसान से बचा जा सके। - रामसिंह किसान।
- इस बार सरसों की फसल जल्द पकाव पर आई। इससे दाने का वजन कम हुआ। अब तेज धूप से गेहूं की बालियां भी सूखने लगी हैं। ऐसे में जल्द कटाई शुरू हो सकती है। - जयदेव सिंह किसान।
फसल जल्द पकने की उम्मीद
इस बार तापमान बढ़ने से गेहूं की फसल जल्द पकने की उम्मीद है। अमूमन 15 अप्रैल के बाद ही गेहूं की कटाई शुरू होती थी, लेकिन इस बार अगले हफ्ते गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी। , जिसकी वजह तेज धूप होना बताया जा रहा है। बता दें कि सरसों की फसल भी करीब 12 दिन पहले इस बार काटने लायक हो गई थी, जिससे उपज में कमी आई।
गेहूं की गुणवत्ता पर पड़ेगा असर
मौसम में बदलाव की वजह से गेहूं की पैदावार प्रभावित जरूर होगी। जल्द फसल के पकने से दाने की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। उत्पादन कम होने की संभावनाएं नहीं है। - डॉ. नौशाद आलम, कृषि वैज्ञानिक, केवीके थरियांव।