फतेहपुर। विदेशी मौलवी के पासपोर्ट में रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच बैठ गई है। मौलवी का पासपोर्ट कैंसिल करने के लिए कानपुर मुख्य कार्यालय को पत्र भेजा गया है। पुलिस मौलवी के बहकावे में धर्मांतरण और निकाह करने वाली महिला और युवक की तलाश में असफल है।
गाजीपुर की बड़ी मस्जिद में नेपाल मूल के इमाम रहे मौलवी फिरोज आलम रिजवी को भारतीय नागरिकता हासिल कर अपना पासपोर्ट बनवा लिया था। मामले में मौलवी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की है।
मौलवी के बहकावे में धर्मांतरण करने वाली हिंदू धर्म की महिला बकेवर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर पा रही है। पुलिस की एक टीम ने बकेवर के जलाला गांव में छानबीन की है।
चर्चा है कि करीब पांच साल पहले यहां की एक महिला का मौलवी ने धर्मांतरण कराया था। मौलवी का पासपोर्ट 2016 में जारी हुआ था। एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया मौलवी के पासपोर्ट पर जांच रिपोर्ट लगाने में लापरवाही बरती गई है।
जांच रिपोर्ट लगाने वाले तत्कालीन एलआईयू प्रभारी और गाजीपुर थाना प्रभारी के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। धर्मांतरण के मामले की जांच कराई जा रही है। महिला के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।