फतेहपुर। बाजार में लागत से कम दाम पर मिलने से परेशान आलू किसानों की स्टोर संचालकों ने आलू भंडारण का किराया बढ़ा कर चिंता और बढ़ा दी है।
अब स्टोर में आलू भंडारण करने पर किसानों को 250 रुपये क्विंटल की दर से किराया जमा करना होगा। जबकि पिछले साल किसानों से 100 रुपये बोरी की दर से किराया लिया गया था।
किसानों ने महंगे दाम पर आलू का बीज खरीद कर बुआई की और जब फसल तैयार हुई तो मंडियों में आलू के दाम घट गए।
अब हालत ऐसी हो गई है कि खाद, बीज व अन्य खर्च निकालना भी किसानों को मुश्किल हो रहा है। ऐसे में जो किसान आलू भंडारण करके बाद में बेचने की सोच रहे थे।
उनकी चिंता स्टोर संचालकों ने बढ़ा दी है। इस समय आलू के भाव भी 500-600 रुपये प्रति क्विंटल के दर से बिक रहा है।
औरेई गांव के किसान दीपक कुमार दुबे ने कहा कि आलू के रेट वैसे भी बहुत कम हैं। स्टोर संचालकों ने भाड़ा 250 रुपये क्विंटल कर दिया है। जो किसानों पर और बोझ बढ़ाएगा। जबकि मंडियों में आलू के दाम बहुत ही कम हैं।
मलांव गांव के किसान सूर्यकरन लोधी ने कहा कि बड़े किसान और व्यापारी तो स्टोर संचालकों से मिलकर रेट कम करा लेते है, लेकिन छोटे किसानों को तो जो रेट तय हो गया। उसी हिसाब से किराया जमा करना पड़ता है।
खरसोला गांव के किसान हीरालाल पाल ने कहा कि आलू भंडारण का किराया दो-तीन साल में बढ़ा दिया जाता है। जबकि आलू का भाव 500 से 1000 रुपये क्विंटल ही रहता हैं। स्टोर भंडारण का बोझ किसानों पर बढ़ता जा रहा है।
उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोर एसोसिएशन ने जो रेट तय किए हैं। वहीं रेट जिले में लागू किए गए हैं। बिजली का बिल बढ़ गया है। इससे स्टोर के अन्य खर्च भी बढ़ गए हैं। अब 250 रुपये क्विंटल भाड़ा लिया जाएगा। - आदित्य पांडेय, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोर एसोसिएशन।
किसान सूर्यकरन लोधी- फोटो : FATEHPUR
किसान दीपक कुमार दुबे- फोटो : FATEHPUR
किसान हीरालाल पाल- फोटो : FATEHPUR
थरियांव का एक कोल्ड स्टोर- फोटो : FATEHPUR