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ऑनर किलिंग में प्रेमिका के पिता और भाई गिरफ्तार

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फतेहपुर। गाजीपुर पुलिस ने प्रेमी युगल हत्याकांड में मंगलवार को मृतक प्रेमिका के पिता और भाई को गिरफ्तार किया है। दोहरे हत्याकांड में मृतका के पिता समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी पिता-पुत्र जेल गए हैं।
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सौंहपुर गांव निवासी लवकुश और अंकिता पांच अप्रैल 2020 की रात घरों से गायब हो गए थे। उनकी दोनों पक्ष के लोग पूरी रात खोजबीन करते रहे, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा था।
छह अप्रैल की सुबह कच्चे घर की कोठरी में लवकुश और अंकिता के शव मिले थे। यह घर लवकुश का था। इस घर का इस्तेमाल भूसा, लकड़ी रखने के लिए होता था। दोनों के सिर पर घाव थे।
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एक तमंचा घटनास्थल से बरामद हुआ था। लवकुश के पिता कमल किशोर ने ऑनर किलिंग का आरोप लगाया था। पुलिस जांच का आश्वासन देकर कमल किशोर को टरकाती रही।
कोर्ट के आदेश पर मृतका के पिता चंद्रिका प्रसाद समेत सात लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले की जांच क्राइम ब्रांच की विवेचना शाखा को सौंपी गई थी।
शाखा के निरीक्षक अमर बहादुर सिंह की जांच रिपोर्ट के आधार पर थानाध्यक्ष संगम लाल प्रजापति ने चंद्रिका प्रसाद गुप्ता और उसके पुत्र अंकित को सौंहपुर गांव से गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दोनों जेल गए हैं।
एसपी ने 16 दिसंबर को मांगी थी आख्या
वादी कमल किशोर ने मामले में कार्रवाई न किए जाने की लगातार उच्चाधिकारियों से शिकायत कर रहे थे। एसपी ने आठ बिंदुओं पर 16 दिसंबर को थानाध्यक्ष से आख्या मांगी थी। थानाध्यक्ष ने 27 दिसंबर को पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट तैयार कर एसपी को सौंपी थी।
जिसमें क्राइम ब्रांच में विवेचना प्रचलित होने, विवेचना के दौरान किसी के नाम प्रकाश में आने और निकाले जाने, एफआईआर स्पंज किए जाने, वादी के आरोप सिद्घ होने और न होने संबंधी सवालों को लेकर जवाब मांगा गया था।
अब तक 14 विवेचना अधिकारी बदले जा चुके
प्रकरण की जांच थानाध्यक्ष के स्तर पर की जा रही है। इस मामले में 14 विवेचना अधिकारी बदले गए। विवेचकों पर भी वादी पक्ष आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाता रहा है। करीब छह माह पहले जांच क्राइम ब्रांच की विवेचना शाखा को भेज दी गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उलझा था मामला
दोहरे हत्याकांड की पूरी जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उलझ कर रह गई थी। शवों के पोस्टमार्टम में दो दिन लगे थे। पुलिस का दावा था कि मौत गोली लगने से हुई थी। उधर, डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की बात स्पष्ट नहीं हुई थी। डॉक्टर ने नुकीला हथियार सिर में घोंपकर हत्या किया जाना बताया था। पुलिस ने कोठरी में दो दिन तक गोली की खोजबीन की थी। गोली नहीं मिली थी।
हाईकोर्ट और एडीजी ने किया था जवाब-तलब
प्रकरण में जिला पुलिस के कार्रवाई नहीं किए जाने पर वादी कमल किशोर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने जिला पुलिस से जवाब मांगा था। इसके अलावा एडीजी प्रयागराज जोन ने भी जवाब मांगा था। एडीजी ने एसपी से 14 अक्तूबर को जांच रिपोर्ट मांगी थी।

पुलिस हिरासत में हत्यारोपी। संवाद- फोटो : FATEHPUR

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