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बरॉना मास्क के ड्यूटी कर रहे बसों के चालक, परिचालक

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रोडवेज बस में बिना मास्क के बैठे यात्री। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन को लेकर लोग चिंतित है। इससे निपटने के लिए प्रशासन ने रात्रि कर्फ्यू लगाकर कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, लेकिन रोडवेज और रेलवे स्टेशन में नियमों का पालन नहीं हो रहा है।
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यात्रियों के साथ चालक, परिचालक भी बिना मास्क के ड्यूटी कर रहे हैं। यहां तक की लंबे रूट की बसों में बेधड़क लोग अनदेखी कर सफर कर रहे हैं।
डिपो के ज्वालागंज बस अड्डे पर दिल्ली, इटावा, आगरा, लखनऊ, बनारस से आने वाली बसों से यात्री सफर कर पहुंच रहे हैं। इन बसों में लोग कोविड नियमों का पालन करते नजर नहीं आ रहे हैं।
खचाखच भरी बसों में लोग संक्रमण से अनजान नजर आए। शनिवार को डिपो पहुंची कई बसों में लोग बिना मास्क के दिखे। कानपुर जाने वाले यात्री बस में चढ़े। सभी सीट पर बैठे, परिचालक ने सवारियों की गिनती की।
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इस दौरान न तो परिचालक मास्क लगाए था और न सवारियों को मास्क लगाने के लिए कहा। कुछ देर बाद बस कानपुर के लिए रवाना हो गई। सैनिटाइजर के लिए पूछताछ केंद्र पर लगी मशीन भी खराब पड़ी है।
कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर और नए वायरस को लेकर डिपो में लापरवाही साफ देखने को मिल रही है। रोडवेज कर्मियों का कहना है कि डिपो में लंबे रूटों से आने वाली बसों की धुलाई पानी से की जा रही है।
सैनिटाइजर नाम की चीज डिपो के अधिकारी व कर्मचारी भूल चुके हैं। वहीं रेलवे स्टेेशन में थर्मल स्क्रीनिंग के लिए कैंप लगाकर यात्रियों की जांच तो की जा रही है, लेकिन स्टेशन में घूम रहे बिना मास्क के यात्रियों को कोई रोक नहीं रहा है। यहां तक की ट्रेन में चढ़ने के लिए लंबी कतार लगती है, लेकिन बिना मास्क के ही यात्री ट्रेन में बैठते हैं।
यात्रियों को पता भी नहीं कि कहां हो रही थर्मल स्क्रीनिंग
रोडवेज बस अड्डा में सफर करने वाले यात्रियों के लिए दो स्वास्थ्य कैंप लगाए गए, लेकिन रोडवेज बस अड्डा के एकदम पीछे साइड में, जहां तक यात्री पहुंच ही नहीं पाते हैं। बस अड्डा का गेट घुसते ही यात्रियों को बस मिल जाती है और वहीं से बैठकर सफर शुरू कर देेते हैं। रोडवेज बस से सफर करने वाले यात्रियों को पता ही नहीं चलता है कि थर्मल स्क्रीनिंग कहां पर हो रही है।
स्वयं बिना मास्क, तो दूसरों को कैसे करेंगे प्रेरित
डिपो के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी मास्क को भूल बैठे हैं। ऐसे में डिपो की बसों में जाने वाले चालक-परिचालक भी मास्क लगाना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। चालक-परिचालक और कर्मचारी बिना मास्क के घूम रहे हैं, तो वह दूसरों को प्रेरित करने की जिम्मेदारी कैसे निभाएंगे।
ये है कोरोना गाइड लाइन
- रोडवेज बसों में निर्धारित सीटों पर सवारियां बैठाने के बाद किसी को खड़ा करके सफर नहीं करवाएं।
- रोडवेज के चालक, परिचालक अपने पास सैनिटाइजर रखेंगे और मास्क भी पहनेंगे।
- परिचालक टिकट बनाने के दौरान ही यात्रियों को मास्क पहनकर बैठने को कहेंगे।
- बसों की हर फेरे के बाद सफाई होगी, ताकि गंदगी नहीं रहे।
परिचालकों को निर्देशित किया गया है कि वह यात्रियों को मास्क लगाने के प्रति जागरूक करें। साथ ही वह स्वयं मास्क लगाकर डिपो आएं। दूर से चलकर आने वाली बसों को सैनिटाइजेशन कराने का काम शुरू करा दिया गया है। - एमएल केशरवानी, एआरएम
कोरोना गाइडलाइन का पालन सभी को करना चाहिए। क्योंकि यह सिर्फ प्रशासनिक पहलू ही नहीं लोगों की खुद के निजी स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी अहम है। नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्घ महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। - अपूर्वा दुबे, जिलाधिकारी।

बिना मास्क लगाए बस चलाता रोडवेज चालक। संवाद- फोटो : FATEHPUR

रेलवे स्टेशन में बिना मास्क के चढ़ते यात्री। संवाद- फोटो : FATEHPUR

बस स्टाप में बिना मास्क लगाए यात्रियों को बैठाता परिचालक। संवाद- फोटो : FATEHPUR

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