फतेहपुर। बर्फ से ढके पहाड़ों से टकराकर आ रही सर्द हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है। पारे में हर रोज गिरावट दर्ज की जा रही है। सोमवार को न्यूनतम पारा चार डिग्री पर आ गया है। दिन में धूप निकली, लेकिन सर्द हवाओं के आगे धूप बेअसर रही। बंद कमरों में भी गलन बनी रही।
मौसम ने अब पूरी तरह से करवट बदल ली है। पहाड़ों पर भीषण बर्फबारी हो रही है। इसका असर यहां महसूस किया जा रहा है। उत्तर की दिशा से दक्षिण की ओर तेज हवाएं चल रही हैं।
बर्फीले पहाड़ों से टकराकर आ रहीं इन सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। सोमवार को न्यूनतम तापमान चार डिग्री पर पहुंच गया। दिन में तेज धूप के बाद भी सर्दी कम नहीं हुई।
मौसम वैज्ञानिक सचिन कुमार शुक्ला ने बताया कि उत्तर-पश्चिम से 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने से पारा लुढ़क गया है। न्यूनतम पारा चार डिग्री और अधिकतम पारा 21 डिग्री दर्ज किया गया है। सर्दी का सितम अभी जारी रहेगा।
एक हफ्ते में छह डिग्री लुढ़का तापमान
सर्द हवाओं ने पारे को ढलान पर उतार दिया है। हर रोज पारा गिरता जा रहा है। 13 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री पर था, जो आज गिरकर चार डिग्री पर आ गया।
गेहूं को फायदा तो आलू, केला की फसलों को नुकसान
ठिठुरन बढ़ा रही ठंड से गेहूं की फसल को तो फायदा होगा, लेकिन आलू, केला, टमाटर की फसलों में नुकसान होगा। आलू की फसल में मुर्रा रोग लगने के आसार बढ़ गए हैं। कृषि विशेषज्ञ जयनेंद्र तिवारी ने कहा कि किसान आलू की फसल में दवा का छिड़काव कर दें। खेतों में हल्की नमी बनाए रखें। इससे पाला का असर कम पड़ेगा।
रेलवे स्टेशन के बाहर अलाव तापते यात्री। संवाद- फोटो : FATEHPUR