फतेहपुर। बहन के नंदोई यानी कि रिश्ते में जीजा लगने वाला एक व्यक्ति ने अपनी सोलह वर्ष की साली को गहनों और नगदी के साथ ले गया और दुष्कर्म किया।
पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। इसबीच आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मगर इस मामले में जब गवाही की बारी आई तो पीड़िता स्वयं, उसकी मां और मामले के वादी यानी कि पीड़िता के पिता अदालत में गवाही देने से मुकर गए।
जब कोई बयान देने को तैयार नहीं हुआ तो अदालत ने प्रकरण स्वत: संज्ञान में लिया और गुरुवार को आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
मामला खखरेरू थानाक्षेत्र के एक गांव का है। जहां 7 फरवरी 2017 को चित्रकूट जनपद के राजापुर निवासी बाला प्रसाद अपनी रिश्तेदारी में आया हुआ था।
यहां से वह रिश्ते लगने वाली साली को घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और 60 हजार रुपये की नगदी के साथ पानीपत ले गया। कई दिनों तक बाला प्रसाद ने वहां नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।
इसके बाद उसके रुपये और जेवरात लेकर वहां से भाग आया। यहां उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। मगर जब मामले की पैरवी शुरू हुई तो स्वयं पीड़िता, उसकी मां और मामले के वादी बने पीड़िता के पिता ने आरोपी बाला प्रसाद के खिलाफ कोर्ट में गवाही देने से इंकार कर दिया।
पीड़िता की ओर से मामले की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र भदौरिया ने बताया कि अदालत ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया।
गुरुवार को जब अपर जिला जज रविकांत की अदालत में आरोपी बाला प्रसाद की जमानत याचिका दाखिल हुई तो अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया। जिससे आरोपी जेल से बाहर नहीं आ सका।