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लंबी बहस के बाद पुलिस को मिली रजा की रिमांड

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कोर्ट में पेशी के लिए जाता हाजी रजा। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। हाजी रजा पर दर्ज तीसरे मुकदमे की रिमांड में अभियोजन पक्ष को लंबी जद्दोजेहद करनी पड़ी। सीजेएम मंजू कुमारी की कोर्ट में रिमांड को लेकर लंबी बहस हुई।
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अब हाजी रजा और उनके अन्य साथियों पर बलवा और सेवन सीएलए समेत कई धाराओं का मुकदमा चलेगा। इस मामले में पुलिस ने रजा को साजिश का आरोपी बनाया था।
भाजपा नेता फैजान की पिटाई के बाद पुलिस 22 नवंबर की रात चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रजा को पकड़ने के लिए गई थी। रजा के इशारे पर भीड़ ने पुलिस को रोक लिया था।
भीड़ ने हंगामा काट किया, तो रजा भाग निकला था। कोतवाल अनूप सिंह ने बलवे, सेवन सीएलए के आरोप में रजा, सभासद विनय तिवारी, पालिका के बाबू आकिब, आकिब के भाई सोनी, सोएब चिकना समेत 100 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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पुलिस ने जांच के दौरान मामले में अज्ञात आरोपियों में अंबर जाफरी, सुहैल जाफरी, रजा के भाई अयाज उर्फ डब्लू, सपा नेता पप्पू सिंह चौहान, वाहिद को भी प्रकाश में लाई है। इस प्रकरण में केवल रजा जेल में हैं।
मामले में पुलिस ने मुकदमे में रजा की रिमांड लेने के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र डाला था। तारीख पर रजा की पेशी हुई। बार एसोसिएशन अध्यक्ष जगदीश सिंह ने कोर्ट में मुकदमे का रिमांड न बनाए जाने की बात कही।
इसी पर लंबी बहस चली। अभियोजन पक्ष ने भी पक्ष रखा। कोर्ट में मामले से संबंधित लोगों के अलावा किसी के भी प्रवेश पर रोक रही। करीब शाम छह बजे कोर्ट ने तीन पेज का रिमांड संबंधी आदेश जारी किया। इसमें पुलिस ने हाजी रजा को साजिश रचने के आरोप माना है।
रजा ने लगाया हत्या की साजिश का आरोप
पेशी पर आए सभासद हाजी रजा ने सत्ता पक्ष के इशारे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। रजा बोले कि पुलिस सत्ता पक्ष के इशारे पर नए मुकदमों में फंसा रही है। सत्ता पक्ष उनकी हत्या की साजिश रच रहा है।
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