मुराइनटोला हनुमान मंदिर में काव्य गोष्ठी में अपनी रचना पढ़ते कवि। संवाद
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फतेहपुर। मुराइनटोला हनुमान मंदिर में शैलेंद्र साहित्य सरोवर की काव्य गोष्ठी हुई। सबसे पहले वाणी वंदना में केपी सिंह कछवाह ने पढ़ा, वरिष्ठ नागरिक को रहे महिमा अमित अनंत, इनका नित वंदन करो ये धरती के संत। डॉ. सत्यनारायण मिश्र ने पढ़ा, लघुता से प्रभुता मिले प्रभुता से प्रभु दूर। धीरेंद्र पाल ने पढ़ा, जीवन के इस मंच में हम सब हैं किरदार, अभिनय करके फिर हमें जाना है उस पार।
दीपचंद्र गुप्ता ने पढ़ा, वाणी है अनमोल सोच समझ कर बोल, जिन शब्दों को कह रहे पहले उनको तोल। शिवसागर साहू ने पढ़ा, वरिष्ठ जनों की गौरव गाथा याद सभी हम करते हैं, दुनिया में जितने बुजुर्ग हैं उनका आदर करते हैं। रवींद्र तिवारी ने पढ़ा, बड़ी चतुर है गिल्लो रानी, दाने खाकर पीती पानी, तीन धारियां फबतीं उस पर प्यारी प्यारी धानी-धानी। दिनेश श्रीवास्तव ने पढ़ा, जन्माष्टमी मना रहे कलि के मामा कंस, बगुलों के घर जा रहे अब मानस के हंस।
अनिल तिवारी निर्झर ने पढ़ा, प्रकृति सुहानी सी लगे हरियाली चहुं ओर, बगुल पंक्ति नभ में उड़े वन में नाचे मोर। शैलेंद्र कुमार द्विवेदी ने पढ़ा, आशीष वृद्धों का मिले सिद्ध होय सब काम, उच्च शिखर जीवन छुए शत शत उन्हें प्रणाम। काव्य गोष्ठी का संचालन कवि शैलेंद्र द्विवेदी एवं अध्यक्षता कवि केपी सिंह कछवाह ने किया।