पंचायत चुनावों को लेकर सरकारी मशीनरी ने अपना होमवर्क शुरू कर दिया है। जिलेभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम चल रहा है और माह के अंत तक मत पत्रों को लाने की तैयारी हो रही है।
चुनावी तैयारियों को लेकर ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार मत पत्रों के रंग बदले जा सकते हैं। मगर संक्रमण काल की वजह से इस बार इन कयासों पर विराम लग गया है।
पंचायत चुनाव अब पुराने कलेवर में ही नजर आएंगे। यानी कि इस बार के मतपत्रों में पिछले चुनाव का ही रंग दिखेगा।
ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के लिए चुनावी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। घर-घर मतदाता सूूची पुनरीक्षण के लिए लगाए गए बीएलओ को आगामी 12 नवंबर तक मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम पूरा कर लेना है।
इसी माह के अंत तक बैलेट पेपर आ जाने की उम्मीद है। यह बैलेट पेपर मतदाताओं की संख्या के हिसाब से लाए जाने हैं।
वोटिंग के दौरान मतदाता ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के प्रत्याशियों की पहचान करने में भ्रमित न हों, इसके लिए मत पत्रों को पिछले चुनावों की तरह ही इस बार भी हरा, गुलाबी, नीला और सफेद रंग का रखा गया है।