कैंप में वैक्सीन लगवाती महिला। संवाद
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बिंदकी। कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। फिर भी लोग बूस्टर डोज लगवाने में हिचक रहे हैं। वैक्सीनेशन सेंटर में गिने-चुने लोग ही बूस्टर डोज लगवा रहे हैं। बूस्टर डोज लगवाने में बुजुर्गों की संख्या बहुत कम है।
कोविड के नोडल प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 30 सितंबर तक एक लाख दो हजार 650 लोगों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य है। 2 अगस्त तक मात्र 3021 लोगों ने ही बूस्टर की डोज लगवाई है। बूस्टर डोज लगाए जाने के लिए बिंदकी सीएचसी, पीएचसी खजुहा और जाफरगंज में प्रतिदिन कैंप लगाया जा रहा है। इसके अलावा रोज अलग-अलग गांवों में टीम को भेजकर कैंप लगवाए जा रहे हैं।
बूस्टर डोज लगवाने के लिए कुछ युवा और अधेड़ वर्ग के ही लोग वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। गांव-गांव टीम भेजकर लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
खासकर बुजुर्गों को अधिक से अधिक संख्या में बूस्टर डोज लगाई जा रही है। बीते दो दिनों में बूस्टर डोज लगाए जाने की संख्या में इजाफा हुआ है। यह संख्या बढ़कर 300 से अधिक पहुंच गई है।