मुराइनटोला हनुमान मंदिर के पास मेला से खरीदारी करतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। नागपंचमी पर मंगलवार को घर-घर में बनाए गए प्रतीकात्मक नाग देवता की पूजा हुई। महिलाओं ने सुबह पारंपरिक पूजन दूध-लावा सहित पूजन सामग्री अर्पित कर नाग देवता की विधि विधान से पूजा की। पुरोहितों ने कालसर्प योग की शांति कराई। बच्चों ने गुड़िया पीटीं। झूलों पर झूलते हुए महिलाओं ने सावन के गीत गाकर खुशी मनाई।
नागपंचमी पर मंगलवार को महिलाओं ने घरों और शिवालयों में जाकर विधि-विधान से पूजा की। घर में बनाए गए प्रतीकात्मक नाग देवता को पकवानों का भोग लगाया। सेंवई पकाकर परिवार के सदस्यों को प्रसाद के रूप में दिया गया। बुजुर्गों का कहना है कि सावन माह विशेष महत्व देने वाला होता है। इस माह भर भगवान भोलेनाथ की आराधना होती है। पेड़ों और घरों में झूला डाले जाते हैं। महिलाएं, बच्चे और पुरुष भी झूलों का लुफ्त उठाते हैं। नागपंचमी पर महिलाएं व्रत रखती हैं।
शिवालयों में दूध चढ़ाया और बचे हुए दूध को घरों में छिड़का। शहर के मुराइन टोला और आर्य समाज के पास मेले का आयोजन हुआ। नागपंचमी पर महिलाओं ने कपड़े की गुड़िया बनाया। उसे घर के बाहर ले जाकर सुनसान स्थानों में फेंका और बच्चों ने डंडे से गुड़िया पीटी। मान्यता है कि नाग देवता की पूजा करने के बाद शगुन के तौर पर गुड़िया पीटी जाती है। ताकि कोई परेशानी उनके घर न आ सके। शहर के हरिहरगंज, मुराइन टोल, आर्य समाज, राधानगर जयराम नगर में गुड़िया पीटी गई। इसके अलावा कस्बों और गांवों में गुड़िया पीटी गईं।
शाह में झूला झूलतीं महिलाएं। संवाद- फोटो : FATEHPUR