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अहेंदा मतदान केंद्र पर कब्जा कर मतपेटिका में भरा पानी

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फतेहपुर/छिवलहा। पंचायत चुनाव में सोमवार को मतदान के दिन कुछ जगहों पर पुलिस की किलेबंदी टूटती दिखी। बूथ कैप्चरिंग, पुलिस का घेराव, हंगामे जैसे मामले सामने आए। इन सबके बीच जिले में कुल 65 प्रतिशत मतदान हुआ। लोगों में चुनाव को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। तेज कर्मी और कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद बूथों पर मतदाताओं की लाइन लगी मिली।
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शांतिपूर्वक और निष्पक्ष मतदान के दावे को चंद लोगों ने हवा में उड़ा दिया। हथगाम के अहेंदा कंपोजिट विद्यालय में दो मतदेय स्थल बनाए गए थे। दोपहर तीन बजे कुछ लोग स्कूल के बाहर जमा हुए और अचानक ईंट-पत्थर से स्कूल के अंदर बैठे पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों पर हमला कर दिया। मतदान के लिए जमा लोग चीखते हुए बाहर भागे। पुलिसकर्मी तो दीवार फांदकर भाग निकले। पुलिस के हटते ही भीड़ स्कूल में घुसी और केंद्र पर कब्जा कर लिया।
उन्होंने वहां रखीं दो मतपेटिकाओं में पानी भर दिया। इस दौरान वहां मौजूद मतदान कार्मिक कोने में दुबके रहे। भीड़ के हटते ही अधिकारियों को फोन कर मतदान केंद्र पर हमले की जानकारी दी गई। एसडीएम खागा, तहसीलदार खागा, अपर पुलिस अधीक्षक, इंस्पेक्टर हथगाम सहित अन्य पुलिस व मजिस्ट्रेट की टीमें मौके पर पहुंची और जांच की।
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करीब 45 मिनट बाद मतपेटिकाओं का इंतजाम कर मतदान शुरू कराया गया। हथगाम पुलिस ने पूछताछ के बाद गांव के कुछ घरों में छापा मारा और आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। इसमें प्रत्याशी और समर्थक भी शामिल हैं।
इसी तरह, किशनपुर के सरौली में भी ग्रामीणों ने मतदान केंद्र घेर लिया। पुलिसकर्मी स्कूल के कमरों में छिप गए और अंदर से ताला बंद कर लिया। यहां भी बीच में मतदान थम गया। इनके अलावा और भी जगहों पर हंगामा हुआ। बैलेट पेपरों में भी कमियां सामने आईं।
मोर्चा लेने के बजाय भाग निकले पुलिसकर्मी
अहेंदा मतदान केंद्र पर व्यवस्था संभालने के लिए लगाया गया पुलिस बल हमला होते ही भाग निकला। उसने एक बार भी बवालियों से मोर्चा लेने का प्रयास नहीं किया। इसी का फायदा उठाकर बवाल करने वालों ने न सिर्फ बूथ कैप्चरिंग की बल्कि मतपेटिका में पानी भर गिया। इसके अलावा पूरे घटनाक्रम में खुफिया विभाग की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। गांव में बूथ कैप्चरिंग की योजना बनाकर उसे अंजाम भी दे दिया गया लेकिन इसकी भनक खुफिया विभाग तक को नहीं लगी। अहेंदा में हुई इस घटना ने लंबे समय से पंचायत चुनाव को लेकर चल रही तैयारियों की पोल खोल दी।
रूट मार्च, रेड नोटिस, निरोधात्मक कार्यवाही सब हवा
पुलिस, सकुशल चुनाव संपन्न कराने के नाम पर रूट मार्च, निरोधात्मक कार्यवाही करती रही। इतना ही नहीं अराजकतत्वों को रेड नोटिस तक दी गई। मगर यह सब कार्यवाही पुलिस की हवा में चली गई। अहेंदा में जब पुलिस को अराजकता से निपटने का समय आया तो वह मौके पर चंद मिनट भी नहीं ठहर सकी और भाग निकली। अफसर जब तक पहुंचते घटना करके आरोपी भाग चुके थे।
रायपुर गांव में मतपेटिका में पानी डालने का प्रयास, हंगामा
अमौली विकास खंड के रायपुर गांव में फर्जी वोटिंग को लेकर बवाल हो गया। मतदाताओं ने हंगामा काटा तो मतदान रुक गया। आधे घंटे बाद मतदान फिर शुरू हुआ। रायपुर गांव के मतदान केंद्र में सुबह करीब दो बजे प्रत्याशियों के एजेंट मतदान करा रहे थे। यहां पर कुछ लोगों ने फर्जी वोटिंग कराने का आरोप लगाते हुए हल्ला मचाया। आरोप लगाने वाले पक्ष ने इसी मतदान केंद्र में रखे जद्दूपुर बूथ की मतपेटिका में पानी डालने का प्रयास किया तो भगदड़ गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को वहां से खदेड़ा, तब माहौल शांत हुआ। हंगामे के दौरान दो बजे से ढाई बजे तक रायपुर मतदान केंद्र में वोटिंग बंद रही। ढाई बजे माहौल ठीक होने पर मतदान शुरू कराया गया। (संवाद)
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