फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरक्षण सूची से बदला मौसम, कहीं खुशी तो कहीं गम

विज्ञापन
विज्ञापन
धाता। ग्राम पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची जारी होने के बाद बिगड़े खेल को फिर से अपने पक्ष में करने के लिए दिग्गज जुट गए हैं। सीटों में फेरबदल होने से कई की उम्मीदें टूटी हैं जबकि सत्ता को अपने पास रखने के आकांक्षी सुरक्षित सीट तलाशने में जुट गए हैं। ब्लाक से लेकर चाय की दुकानों तक नए समीकरणों पर जीत-हार का प्रचार शुरू हो गया है। कई खुलकर मैदान में आने की तैयारी में है।
विज्ञापन

धाता विकास खंड के कारीकान धाता वार्ड जिला पंचायत सदस्य सीट इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है। ऐसे में यहां से दो बार सदस्य रहे सत्येंद्र सिंह को करारा झटका लगा है। इसी तरह से डेंडासाई वार्ड भी अनुसूचित जाति के खाते में गई है। यहां से चुनाव जीतने वाले नरसिंह पटेल भी मैदान से बाहर हो गए हैं।
ग्राम पंचायतों में परिसद्धपुर, अहमपुद कुसुंभा, सिहारी पट्टी, केशवरायपुर केटमई, अंजना कबीर, पौली आदि सीट अनुसूचित जाति के खाते में चली गई हैं। जबकि करीकान जैसी कई गांव की सीटें पिछड़ी जाति के कोटे में आरक्षित कर दी गई। इससे इन सीटों पर एक ही व्यक्ति या उसके परिवार की चल रही बादशाहत एक झटके में खत्म हो गई है। प्रभावी सीटों का समीकरण बदलते ही कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल बन गया है।
विज्ञापन

बुधवार को ब्लाक धाता से लेकर हर चाय-नाश्ते की दुकान में चुनावी चर्चा होती मिली। आरक्षण से बिगड़े समीकरण को फिर से से अपने पक्ष में करने के लिए कई दिग्गज आसपास की सीटों पर निगाह दौड़ा रहे हैं और उम्मीदें तलाशने में जुटे हैं।
आगामी पंचायत चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर खखरेरू पुलिस द्वारा बुधवार को गांवों में चौपाल लगाकर लोगों से बातचीत की गई। इंस्पेक्टर खखरेरू वीरेंद्र सिंह द्वारा बुधवार को जहांगीरनगर गहुरा, पुरमई गांव में चौपाल का आयोजन किया गया। इस दौरान गांव के लोगों को शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव की तैयारी करने व इसे संपन्न कराने के लिए कहा गया। ग्रामीणों की शिकायत पर अराजक तत्वों को भी चिह्नित किया गया। जिससे आने वाले समय में उन पर नजर रखी जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें