फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा के खिलाफ सिर्फ गरजते रहे किसान नेता ...

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठन रेल का चक्का तो जाम नहीं कर सके लेकिन स्टेशन के बाहर प्रदर्शन कर अपने इरादे जरूर जाहिर किए। चक्का जाम ऐलान के बाद अलर्ट हुआ पुलिस और जिला प्रशासन स्टेशनों पर पूरी तरह मुस्तैद रहा। कई किसानों ने अपनी गिरफ्तारी भी दी। मलवां रेलवे स्टेशन में भाकियू टिकैत गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान की मौजूदगी में प्रदर्शन हुआ। फैजुल्लापुर रेलवे स्टेशन में भी भारी फोर्स नजर आया। फतेहपुर रेलवे स्टेशन में पूरी तरह से शांति रही। हालांकि यहां भी ऐतिहातन आरपीएफ के साथ जीआरपी सक्रिय नजर आई।
विज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने मलवां रेलवे गेट नंबर 56 और मुरादीपुर गेट नंबर 60 पर धरना दिया। हालात से निपटने को सुबह से ही पुलिस व प्रशासन सक्रिय रहा। एडीएम लालता प्रसाद शाक्य और एसडीएम बिंदकी प्रियंका फोर्स के साथ खुद हालात पर नजर रखे रहे। बिंदकी, जाफरगंज, चांदपुर, मलवां और महिला थाने का फोर्स तैनात रहा। जीआरपी भी सक्रिय रही। दोपहर सवा दो बजे के करीब टिकैत गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंह चौहान किसानों के बीच पहुंचे तो इनमें उत्साह भर गया। नतीजा हो हल्ला शुरू हो गया और सरकार विरोधी नारे लगने लगे। एडीएम लालता प्रसाद शाक्य, एएसपी राजेश कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। शाम पांच बजे किसानों ने मलवां रेलवे स्टेशन के रेलवे ट्रैक पर उतर कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उधर, शहर के स्टेशन में किसान संगठनों के ऐलान के बाद रेलवे पुलिस चौकन्नी नजर आई। फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ के जवान मुस्तैद रहे। हालांकि यहां कोई किसान नेता विरोध का स्वर उठाने नहीं पहुंचा। आरपीएफ कमांडर प्रवीण सिंह ने बताया कि पूरी तरह से शांति रही।
कृषि कानून के विरोध में भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीयतावादी गुट ने कंसपुर गुगौली रेलवे क्रासिंग के पास पंचायत की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि तीनों कृषि कानून केंद्र सरकार को वापस लेना होगा। प्रयागराज मंडल अध्यक्ष अशोक उत्तम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एक साजिश के तहत देश के किसानों को बर्बाद करना चाहती है। इस मौके पर तहसील अध्यक्ष रामसहाय पटेल, नवल सिंह पटेल, पुन्नू शुक्ला, जितेंद्र कुमार मिश्र, रमेश कुमार, दिनेश प्रसाद आदि मौजूद रहे। अंत में यूनियन के लोगों ने सीओ योगेंद्र सिंह मलिक की मौजूदगी में अपर उपजिलाधिकारी विजय शंकर तिवारी को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन

फैजुल्लापुर रेलवे स्टेशन पर सुबह से पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम आशीष कुमार समेत कई पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके की टोह लेते रहे। हालांकि विरोध प्रदर्शन करने कोई भी नहीं पहुंचा। जिससे पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली। आंदोलन के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर एसडीएम आशीष, सीओ थरियांव अनिल कुमार, चौकी प्रभारी विंध्यवासिनी तिवारी सुबह से रेलवे स्टेशन पर नजर गड़ाए रहे। हंसवा स्टेशन मार्ग पर पुलिस पहरेदारी करती रही।
मिचकी गांव के रहने वाले किसान सभा के जिलाध्यक्ष राकेश यादव के बेटे अनिल को थरियांव पुलिस ने रात को घर से उठा लिया। पुलिस राकेश को उठाने गई थी लेकिन वह नहीं मिले तो बेटे को ले आई। राकेश ने बताया कि बेटा दिल की बीमारी से जूझ रहा है। ऐसे में उसे पुलिस कस्टडी में रखना खतरे से खाली नहीं। उधर, चौकी प्रभारी का कहना है कि पिता का मोबाइल बंद होने की वजह से बेटे को लाया गया है। किसान नेता बीरेंद्र सिंह पटेल को कांधी गांव से बुधवार की रात 11:30 बजे पुलिस ने उठा लिया। इसी के साथ राजेश जाटव को त्रिलोकीपुर गांव से उठाया गया। बबलू कालिया को उठाने के लिए पुलिस दीवान का पुरवा गांव पहुंची। उनके न मिलने पर शहर स्थित आवास में छापेमारी की गई। लेकिन दोनों जगह बबलू पुलिस के हाथ नहीं लगे।
किसानों की हलचल न मिलने पर रेलवे पुलिस कर्मी भी आराम की मुद्रा में दिखे। रेलवे पुलिस कर्मी कोमलकांत सिंह, रामबाबू मिश्रा, राजेश कुमार व राजेश कुमार पांडेय को आराम फरमाते देखा गया। इन सभी ने बताया कि इतना वक्त हो रहा है, सुबह से विरोध प्रदर्शन करने वाले नहीं आए। तेज धूप से बचने के लिए चारपाई पर बैठकर आराम कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें