बहुआ/खागा। मौरंग खदान अढ़ावल खंड एक व 11 की ओटीपी बंद होने के बाद भी यहां खनन होने की सूचना पर तहसीलदार न्यायिक ने अपनी टीम के साथ छापेमारी की। राजस्व टीम के आने की भनक लगते ही संचालकों ने मशीनों को यहां-वहां छिपा दिया।
टीम को खंड में कार्य होता नहीं मिला, जबकि ओवरलोड ट्रकों की मनमानी जारी रही। जिसे अफसर भी नजरअंदाज करके निकल गए। उधर, एसडीएम ने टीम के साथ गढ़ीवा मझगवां खंड तीन में छापेमारी की। यहां 10 ओवरलोड ट्रक पकड़े गए।
तहसीलदार न्यायिक गणेश सिंह, नायब तहसीलदार विकास पांडेय, थानाध्यक्ष ललौली संदीप तिवारी की टीम गुरुवार को अढ़ावल खदान खंड एक व 11 पहुंची। यहां ओटीपी बंद होने के कारण खनन व परिवहन बंद चल रहा है।
टीम को यहां खनन होने की शिकायत मिली थी। राजस्व टीम के आने की भनक लगते ही खदानों में हड़कंप मच गया और संचालकों द्वारा पोकलैंड मशीनों को जंगल में छिपा दिया गया। जबकि टीम को देखकर कई ट्रक चालक अपनी गाड़ी छोड़कर वहां से भाग निकले। ऐसे में खदान से महमदपुर गांव तक करीब आधा सैकड़ा ओवरलोड ट्रक रास्ते में खड़े हो गए।
टीम जांच करके जब वापस हुई तो ट्रकों के खड़े होने से उन्हें गांव के अंदर की गलियों से होकर निकलना पड़ा। इस दौरान टीम ने ओवरलोड ट्रकों को नजरअंदाज कर दिया।
उधर, ओटीपी बंद होने के बाद भी खनन की सूचना पर एसडीएम प्रहलाद सिंह की अगुवाई में तहसील स्तरीय टास्क फोर्स टीम ने गढ़ीवा मझगवां खंड तीन में छापेमारी की। कार्यवाही गुरुवार की दोपहर हुई।
टीम ने कुल 10 गाड़ियां ओवरलोड में पकड़ीं। आठ गाड़ियां घाट के बाहर ही खड़ी मिलीं। जबकि दो गाड़ियां विजयीपुर में पकड़ी गईं। टीम में खान अधिकारी अमित पांडेय, सीओ खागा, किशनपुर पुलिस शामिल रही।