फतेहपुर। जिले में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल स्कूलों के निर्माण में जमकर गड़बड़ी हुई है। छह में से तीन स्कूल अधबने होने के बावजूद माध्यमिक शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिए गए। इन तीन स्कूलों में दो का शतप्रतिशत भुगतान भी कार्यदायी संस्था को कर दिया गया। जबकि तीसरे अधबने स्कूल का कुछ भुगतान अभी रुका हुआ है। इन स्कूलों में कक्षाएं भी संचालित होने लगी हैं।
जिले में 2010-11 में छह पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल स्कूलों का निर्माण हुआ था। प्रत्येक विद्यालय की लागत तीन करोड़ दो लाख थी। इनमें दनियालपुर, बहुआ, अलादातपुर का कार्यदायी संस्था पैक्सफेड़ ने निर्माण पूर्ण कराकर माध्यमिक शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिया, लेकिन शेष तीन अंबिलिहापाल, लतीफपुर और ऐलई का 10 साल बाद भी निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।
कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता अरविंद सिंह ने बताया कि अभी कुछ ही दिन पहले उनकी नियुक्ति हुई है। ऐसा कोई मामला उनकी जानकारी में नहीं है। मंगलवार को उनके यहां शादी का कार्यक्रम है। लौटने के बाद मामले की जानकारी करेंगे।
16 में बने सिर्फ आठ कक्ष
पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय माडल स्कूल अंबिलिहापाल का निर्माण सिर्फ 65 फीसदी हुआ है। 32 कक्षों वाले इस भवन में नीचे के 16 कमरे बने हैं लेकिन ऊपर अभी तक सिर्फ आठ कक्ष ही बने हैं। शौचालय, सीढ़ियों के साथ फिनिसिंग का काम अधूरा है। विभाग अब तक दो करोड़ 70 लाख भुगतान कर चुका है। निर्माण पूर्ण न होने के कारण 32 लाख का भुगतान रोका गया है।
भवन का ढांचा खड़ा, फिनिशिंग नहीं
पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल स्कूल लतीफपुर का 80 प्रतिशत निर्माण हुआ है। 31 मार्च 2016 को अंतिम किस्त का भुगतान कराने के बाद विभाग ने संस्था की ओर मुड़कर नहीं देखा। पूरे भवन की अभी तक फिनिशिंग नहीं हुई है। बिजली कनेक्शन नहीं है। शौच के लिए छात्र-छात्राओं को बाहर जाना पड़ता है।
वायरिंग के साथ नहीं लगे पंखे
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल स्कूल ऐलई में भी शत प्रतिशत निर्माण कार्य नहीं हुआ है। 95 फीसदी काम कराने के बाद कार्यदायी संस्था ने पल्लू झाड़ लिया है। ऊपरी मंजिल के 16 कक्षों में वायरिंग नहीं है। इसके अलावा पंखे आदि नहीं लगाए गए हैं। सभी शौचालय खराब हैं। पीने के पानी के लिए सबमर्सिबल पंप के लिए बोरिंग नहीं कराई गई है।