फतेहपुर। जिले की रामगंगा नहर ढाई महीने से सूखी है। इस बार मई की भीषण गर्मी में भी सूखे तालाबों को भरने के लिए पानी नहीं छोड़ा गया है। धान की खेती करने वाले किसानों ने अब नर्सरी डालना शुरू कर दिया है, लेकिन यहां के किसानों को खेत में भरने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। नहर में पानी आने की किसान राह देख रहे हैं।
खरीफ के सीजन में रामगंगा नहर से 22 हजार हेेक्टेयर में सिंचाई होती है। इससे मलवां, तेलियानी, भिटौरा, हथगाम और ऐरायां ब्लाक के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। रबी के सीजन में 15 मार्च को रोस्टर खत्म हो गया था और तभी से पानी बंद है।
मई की गर्मी में तालाबों को भरने के लिए पानी छोड़ा जाता था, लेकिन इस बार रामगंगा व निचली गंगा नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है। इससे नहर के पानी के भरोसे खेती करने वाले किसान नर्सरी नहीं डाल पाए हैं। जून का पहला सप्ताह भी खत्म हो चुका है। पिछड़ रही धान की नर्सरी को लेकर अब किसानों को चिंता सताने लगी है।