फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भू संपत्तियों का मुआयना बंद, किसान परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। उप निबंधक कार्यालयों में 46 दिनों से अचल संपत्तियों का मुआयना बंद होने से किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। खरीफ फसल की तैयारियों के लिए बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के केसीसी बनवाने में समस्या खड़ी हो रही है। ट्रैक्टर या दूसरे कर्ज भी बैंक नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में तीनों तहसील मुख्यालयों में उपनिबंधक कार्यालय हैं, जहां पर संपत्तियों के बैनामे होते हैं। कोई भी संपत्ति किसी बैंक में बंधक तो नहीं है, इसका अनापत्ति प्रमाणपत्र मुआयने के बाद उपनिबंधक कार्यालय जारी करता है। अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर बैंक किसानों को केसीसी बनाकर कृषि ऋण जारी करते हैं। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र में होम लोन, ट्रैक्टर लोन, नलकूप आदि का लोन लेने के लिए उपनिबंधक कार्यालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है, क्योंकि इसी आधार पर बैंक ऋण देता है।
कोरोना संक्रमण के कारण 23 अप्रैल से शासन ने उपनिबंधक कार्यालयों को अभिलेखों का मुआयना कराने पर रोक लगा दी थी। यह रोक अभी लागू है। जून महीने में किसान खरीफ की फसल तैयार करने के लिए खाद, बीज, कृषि यंत्रों की मरम्मत आदि के लिए पैसों की व्यवस्था करते हैं। ऐसे में विभिन्न तरह के कृषि ऋण बैंकों से लेकर किसान जरूरतें पूरी करते हैं। संपत्तियों का मुआयना बंद होने के कारण अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में जरूरतमंदों को बैंक कर्ज देने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन

क्या है मुआयना शुल्क
किसी भी संपत्ति का मुआयना कराने के लिए 10 रुपये साल और अधिकतम 110 रुपये जमा करने का प्रावधान है। 10 रुपये के स्टांप पेपर पर नकल सवाल डालने के साथ जमा शुल्क की रसीद दी जाती है। तीनों तहसील क्षेत्रों में हर महीने 60 मुआयने के नकल सवाल डाले जाते हैं। इनमें सदर में 25, बिंदकी में 20 और खागा उप निबंधक कार्यालय में 15 मुआयने की फीस जमा होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें