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चुनावी सहालग में प्रचार सामग्री 15 प्रतिशत हुई मंहगी

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बिंदकी। चुनावी सहालग शुरू होते ही प्रचार सामग्री की कीमतों में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है। कोरोना के कारण कच्चे माल की आवक में कमी के कारण प्रिटिंग प्रेस संचालक खासा परेशान हैं, क्योंकि मांग के अनुरूप कच्चे माल की कमी के कारण प्रचार सामग्री नहीं तैयार कर पा रहे हैं।
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पंचायत चुनाव की सहालग चरम पर है। प्रत्याशियों में चुनाव प्रचार के लिए होर्डिँग, बैनर और पोस्टर छपवाने की होड़ है। 24 घंटे छपाई का काम चल रहा है। इसके बावजूद काम पूरा नहीं हो पा रहा है। प्रचार सामग्री की मांग बढ़ने के साथ ही प्रचार सामग्री के दामों में भी खासी बढ़ोत्तरी हुई है।
कच्चे माल में स्याही के दाम 300 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। वहीं, पोस्टर की छपाई में इस्तेमाल होने वाली वाली शीट के दामों में भी खासी वृद्धि हुई है। पंचायत चुनाव में सबसे ज्यादा मांग पोस्टर, पंफलेट और विजिटिंग कार्ड की होती है। भले ही प्रचार सामग्री महंगी हो गई है, लेकिन प्रत्याशी प्रचार के नाम पर कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
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