फतेहपुर। ओवर लोडिंग के कारण लाइन में फाल्ट के कारण गुरुवार को शहर से लेकर गांव तक बिजली आपूर्ति चरमराई रही। शहर में चार से पांच घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। वहीं असोथर, थरियांव, बहुआ और धाता उपकेंद्रों से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 48 घंटे से बिजली गुल है। करीब 500 गांवों में नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। असोथर में तो गुस्साए ग्रामीण उपकेंद्र पर ही धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की।
चंदियाना मोहल्ले में तार टूटने की वजह से दोपहर तीन घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। दोपहर को बिजली की कटौती ने लोगों को गर्मी में हलाकान कर दिया। घोसियाना मोहल्ले में 11 केवीए लाइन में भोर पहर फाल्ट हो गया। सुबह नौ बजे फाल्ट सही हुआ तब बिजली आपूर्ति बहाल हुई। वहीं असोथर उपकेंद्र के थरियांव फीडर में कोर्रा सादात, मीरपुर, टीकर, सरांय गांव में तीसरे दिन भी बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी। नरैनी और जरौली फीडर में आधा-एक घंटे में कहीं न कहीं फाल्ट हो जा रहा है। इससे क्षेत्र के सातो, मनावा, सरकंडी, पुर बुजुर्ग गांव के लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही है। गर्मी में बिजली की कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं बारिश से किसानों के धान की फसल में कुछ फायदा तो हो गया है, लेकिन बिजली की अघोषित कटौती को देखकर किसानों चिंता बढ़ गई है।
जमलामऊ गांव के ग्रामीणों ने बिजली की अघोषित कटौती के विरोध में उपकेंद्र में घेराव किया और प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि गाजीपुर फीडर से गांव के लिए बिजली दी जाती है। दो महीना से बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। 24 घंटे में दो से तीन घंटे बिजली मिलती है। उसमें भी उपकेंद्र की मशीनें बार-बार ट्रिप होती हैं। उपकेंद्र के अवर अभियंता कभी फोन नहीं रिसीव करते हैं। जो बिजली मिलती भी है, उसमें वोल्टेज इतना कम रहता है कि ट्यूबवेल की मोटर नहीं चल पाती है। बिजली व्यवस्था में सुधार न हुई तो अधिकारियों का घेराव करने की ग्रामीणों ने चेतावनी दी। इस मौके पर अयोध्या, श्रवण, राजू, नीलू, बाबादीन, रामदयाल, राजकुमार, शिरोमणि मौजूद रहे
अधीक्षण अभियंता आनंद प्रकाश शुक्ला ने कहा कि बारिश की वजह से फाल्ट अधिक हो रहे हैं। उपकेंद्र के अवर अभियंता व लाइनमैनों को फाल्ट सही कराकर आपूर्ति बहाल कराने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के उपकेंद्र में अधिक लोड होने की वजह से बिजली की समस्या रही है, लेकिन अब बारिश होने से कभी समस्या कम हो गई है।