कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक लेते कमिश्नर व डीआईजी
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फतेहपुर। लॉकडाउन में कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायतों के निस्तारण में देरी न की जाए। प्रयागराज कमिश्नर आर.रमेश ने कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराने वालों से फीडबैक लेकर अफसरों को यह निर्देश दिए। कमिश्नर का फोन पहुंचने पर कुछ शिकायतकर्ताओं ने समस्या समाधान में देरी की शिकायत की। वहीं आईजी/डीआईजी कवींद्र प्रताप सिंह ने रायबरेली व कानपुर सीमा पर चौकसी बढ़ाने, हर आने-जाने वाले का नाम-पता लिखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव मामलों से जनपद घिरा है। छोटी सी चूक भारी पड़ सकती है।
मंडलायुक्त आर. रमेश और डीआईजी केपी सिंह सबसे पहले कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां दोनों अधिकारियों को गार्ड ऑफ ऑनर देने की तैयारी थी, लेकिन दोनों ने इन्कार कर दिया। गांधी सभागार में उन्होंने कोरोना से निपटने को बनी ग्यारह समितियों के प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विभागवार अफसरों ने अपनी कार्यप्रणाली समझाई। कमिश्रर ने जिला पूर्ति विभाग के लिए कहा कि लोगों को दाल नहीं बल्कि चना दिया जाना है। इसका प्रचार-प्रसार कराएं ताकि दिक्कत न हो।
मरीजों की टेस्टिंग, सफाई, शेल्टर, कंट्रोल रूम, कम्युनिटी किचन और पुलिस व्यवस्था की भी जानकारी ली। इसके बाद दोनों अधिकारी कलक्ट्रेट के एनआईसी में बने कंट्रोल रूम पहुंचे। कमिश्रर ने कॉलर के रजिस्टर में अंकित मोबाइल नंबरों पर फोन किया। पूछा कि जिस समस्या के लिए आपने कंट्रोल रूम फोन किया था, उसका निस्तारण हुआ या नहीं। कुछ ने ठीक बताया तो कुछ लोगों ने सामग्री मिलने में देरी की शिकायत की।
कंट्रोल रूम के बाद वे सदर तहसील के कम्युनिटी किचन पहुंचे। यहां उन्होंने क्वारंटीन किए गए लोगों को भेजे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता परखी। इसके बाद दोनों अधिकारी कानपुर की सीमा से सटे छिवली बार्डर पहुंचे। यहां उन्होंने बैरीकेडिंग की व्यवस्था देखी। कमिश्रर और आईजी/डीआईजी ने कानपुर और रायबरेली जनपद की सीमा पर विशेष रूप से सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मौके पर डीएम संजीव सिंह, एसपी प्रशांत वर्मा, सीडीओ सत्य प्रकाश, सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय, एसडीएम प्रमोद झा, आशीष कुमार, विजय शंकर तिवारी, प्रहलाद सिंह और प्रियंका सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।