असोथर। कस्बे को छोड़कर किसी भी फीडर को 10 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर कागजी साबित हो रहा है। 80 गांवों के उपभोक्ताओं को बिजली कटौती के साथ लो वोल्टेज का सामना करना पड़ रहा है।
असोथर उपकेंद्र से सातों कोर्रा, सरकंडी, टीकर, सरांय, मनावां, जरौली, कंधियां, बेर्रांव के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होती है। उपभोक्ताओं को रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। सबसे अधिक समस्या राधानगर ट्रांसमिशन से आने वाली 33 केवीए लाइन में रहती है। बेहद जर्जर तारों के सहारे विभाग उपकेंद्र तक हाई वोल्टेज करंट पहुंचा रहा है। चुरियानी व बवांरा में अक्सर तार टूटने व इंसुलेटर डिस्क खराब होने की शिकायत रहती है। राहुल, राजेंद्र मौर्य, राजू तिवारी, रामलाल पाल, हरिश्चंद्र का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को रोस्टर के हिसाब से आपूर्ति मिलने का दावा कागजी साबित हो रहा है। फाल्ट सुधारने के चक्कर में कई-कई घंटे आपूर्ति बंद रहती है। ट्यूबवेल में 440 वोल्टेज के बदले 200 वोल्टेज ही करंट पहुंचता है। घरेलू कनेक्शनों में 220 वोल्टेज के बजाय 150 वोल्टेज ही करंट मिलता है।