खागा। किशनपुर नगर पंचायत की सीमा से बाहर रामपुर गांव में विकास कार्य कराने और पानी की तरह जो पैसा बहाने का मामला और गरमा गया है। डीएम द्वारा गठित जांच समिति बुधवार को तीसरी बार जांच करने के लिए किशनपुर पहुंची। शिकायतकर्ताओं ने एसडीएम खागा को जांच समिति से बाहर कर दूसरे अधिकारी को नामित करने की मांग डीएम से की है। उन्होंने खागा एसडीएम की सत्यनिष्ठा पर सवाल उठाए हैं।
किशनपुर नगर पंचायत पर आरोप है कि उसने मरम्मत में व्यय धनराशि में अनियमितता की और सीमा से बाहर राजस्व ग्राम रामपुर प्रथम, द्वितीय, महावतपुर में विकास कार्य कराए। इसकी शिकायत पर शुरू हुई जांच में बुधवार को डीएम द्वारा गठित समिति किशनपुर पहुंची।
एसडीएम खागा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने नगर सीमा के बाहर हुए विकास कार्यों की पैमाइश कराकर स्थलीय निरीक्षण किया और फिर लौट गई। जांच समिति में एसडीएम खागा प्रहलाद सिंह, के साथ ही अधिशाषी अभियंता निचली गंगा नहर, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग व सहायक अभियंता डीआरडीए शामिल हैं।
जिन्होंने बुधवार को तीसरी बार इस प्रकरण की जांच की। जांच समिति इससे पहले 18 मई और 20 मई को जांच कर चुकी है। जबकि डीएम द्वारा केवल 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए थे।
इस मामले में शिकायतकर्ता रामराज सिंह, सुनील कुमार शुक्ला, उमाशंकर ने बताया कि किशनपुर में बड़े स्तर पर हुई वित्तीय अनियमितता की जांच लगातार प्रभावित करने का प्रयास चल रहा है। इसी कारण जांच पूरी नहीं हो रही है।
अफसरों की जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि विकास कार्य नगर सीमा से बाहर हुए हैं तो इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को क्यों नहीं दी जा रही है। शिकायकर्ताओं द्वारा एसडीएम खागा की सत्यनिष्ठा पर सवाल उठाते हुए डीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया है। इसमें उन्हें जांच समिति से बाहर कर किसी दूसरे अधिकारी को नामित करने की मांग की गई है।
यह है पूरा मामला
नगर पंचायत किशनपुर ने पिछले कुछ साल में नई बस्ती के मोहल्ले में विकास कार्यों के नाम पर काफी पैसा खर्चा किया है। शिकायतकर्ता सुनील शुक्ला, उमाशंकर, रामराज सिंह ने शिकायत की और बताया कि यह नई बस्ती किशनपुर नगर पंचायत की सीमा से बाहर है और विकास के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। इसकी जांच शुरू हुई तो मामला सही पाया गया।
नई बस्ती किशनपुर की सीमा में नहीं थी और न ही इस संबंध में अधिकारियों को कोई शासनादेश या अन्य अभिलेख मिले। ऐसे में डीएम द्वारा जांच समिति का गठन कर विकास कार्यों में खर्च रुपयों की वसूली का प्रस्ताव और दोषियों के नाम उजागर कर उनके खिलाफ रिपोर्ट मांगी गई है जो अभी तक नहीं दी गई है।