फतेहपुर। विवाहिता से दुष्कर्म के मामले के आरोपी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अदालत ने दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण न्यायालय में विगत नौ वर्षों से विचाराधीन चल रहा था। सोमवार को अपर जिला जज फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट ने फैसला कर दिया।
मामला 24 मार्च 2013 की रात अमौली थाना क्षेत्र के एक गांव का है। आरोपी अशोक कुमार और मृतका का पति कुसारन गांव में एक शादी में गए थे। वापसी में अशोक ने मृतका के पति से घर चलने को कहा तो उसने सुबह आने की बात कहकर टाल दिया। अशोक कुमार शादी समारोह से निकला और मृतका के घर पहुंच गया। उसे अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
इस दौरान महिला का पति भी पहुंच गया और उसके अशोक की हाथापाई भी हुई। अशोक भागने लगा तो महिला का पति ने पीछा किया। इसी बीच महिला ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद से उसका पति बतौर वादी मामले की पैरवी कर रहा था।
सहायक शासकीय अधिवक्ता महेेंद्र सिंह और बार अध्यक्ष प्रमोद रायजादा ने न्यायालय के समक्ष गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। सभी पक्षों को सुनते हुए अपर जिला जज नित्या पांडेय ने आरोपी अशोक कुमार को दस वर्ष के सश्रम कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।