फतेहपुर। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। बारिश और तेज हवा की आशंका से गेहूं व चना की तैयार फसल पर नुकसान का खतरा मंडरा रहा है। इससे किसान चिंता में हैं और आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। बारिश के साथ तेज हवा चलने पर किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है। तेज बारिश होने पर चना की फसल की लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा। अधिकतम 25 और न्यूनतम 17 डिग्री तापमान रहने से ठंडक बढ़ी है और आम लोगों ने राहत महसूस की है।
जिले में एक लाख 83 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल तैयार खड़ी है। करीब 16 हजार हेक्टेयर में चना की फसल पकी हुई है। करीब 10 फीसदी गेहूं की फसल कटकर खेत में पड़ी है। इसकी मड़ाई को लेकर किसान थ्रेसर की तलाश कर रहे हैं। शुक्रवार को हवा के साथ बूंदाबांदी होने से किसान चिंतित नजर आए। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे।
कटी फसल को बचाने के लिए किसान कर रहे प्रयास
धाता में बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कटी फसल को बचाने के लिए किसान प्रयास कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। इससे सरसों और चना की फसल की मड़ाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
अब किसान की फसल ईश्वर ही बचा सकता है
रामपुर थरियांव निवासी किसान घूरेलाल मौर्य का कहना है कि इस मौसम में अगर हवा के साथ बारिश हुई तो चना की फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। अब किसान की फसल ईश्वर ही बचा सकता है।
औरइया निवासी सत्येंद्र ने बताया कि हर साल मार्च और अप्रैल में मौसम फसलों को नुकसान पहुंचाता है। गेहूं की फसल खराब हुई तो किसानों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा।
तेज हवा के साथ बारिश होने पर गेहूं की फसल को नुकसान होगा। अधिक बारिश से चना की फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। ऐसी स्थिति में किसान खेतों में सिंचाई करने से बचें।
- डॉ. जगदीश चंद्र किशोर, कृषि वैज्ञानिक
फोटो-18-घूरेलाल मौर्या। संवाद- फोटो : जगदीशपुर के औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को निजी ईकाई परिसर में आयोजित हुआ फलाहार और इफ्तार कार्यक्रम।
फोटो-18-घूरेलाल मौर्या। संवाद- फोटो : जगदीशपुर के औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को निजी ईकाई परिसर में आयोजित हुआ फलाहार और इफ्तार कार्यक्रम।
फोटो-18-घूरेलाल मौर्या। संवाद- फोटो : जगदीशपुर के औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को निजी ईकाई परिसर में आयोजित हुआ फलाहार और इफ्तार कार्यक्रम।