डीएम, एसपी और सीडीओ के तबादले की विरोध में शहर से लेकर गांव तक आम जनमानस सड़क पर उतर आया। जगह-जगह आवागमन बाधित कर प्रदेश सरकार को आंदोलनकारियों ने जम कर भला बुरा कहा। सड़क जाम खुलवाने में प्रशासन को पसीना आ गया। सरकारी वाहन जिले के कोने-कोने में फर्राटे भरते रहे, तब जाकर शाम पहर यातायात व्यवस्था सुचारु हो पाई।
भाकियू प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान के निर्देश पर पदाधिकारियों और किसानों ने नौ जगह स्थानों में हाइवे और राज्य मार्गों को जाम किया। महिंचा मंदिर में बीकेडी जिलाध्यक्ष रामदत्त मिश्रा और खागा तहसील अध्यक्ष अभय मिश्रा की अगुवाई में हाइवे जाम किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। वहीं जाम में फंसे राहगीर तेज धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान रहे और एक दूसरे से जाम का कारण पूंछते रहे। खागा एसडीएम बलराम सिंह और सीओ निवेश कटियार के आने और बातचीत के बाद हाइवे का जाम खुल सका। इसी प्रकार मलवां में भाकियू नेता राजेंद्र सिंह व सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हाइवे जाम किया गया और शाह में बांदा-फतेहपुर मार्ग मधुसूदन तिवारी, बहुआ, ललौली-कानपुर मार्ग दीपक गुप्ता, महाखेड़ा में ज्ञान सिंह, जोनिहा में देवनरायन पटेल, बकेवर-कुडनी मार्ग वेद प्रकाश, छिवलहा, हुसैनगंज-कढ़ा मार्ग में अखिलेंद्र प्रताप, खागा-किशनपुर मार्ग को रारी मोड़ पर भाकियू नेता कृष्णपाल सिंह की अध्यक्षता में जाम लगाया गया।
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प्यास से भटकते रहे राहगीर
महिंचा मंदिर हाइवे पर किसानों के प्रदर्शन से सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई। प्राइवेट वाहनों और रोडवेज की बसों में बैठे मुसाफिर भूख और प्यास से भटकते रहे। तेज धूप और उमस भरी गर्मी से बचने के लिए सड़क के आसपास लगे छायादार पेड़ों का सहारा लेते रहे। यात्रा कर रहे राहगीर विनय सिंह ने बताया कि बीबी बच्चों के साथ कानपुर से इलाहाबाद जा रहे हैं। आधा घंटे से जाम लगा हुआ है। बच्चों को प्यास लगी हुई है। जंगल में पानी पीने की कोई व्यस्था नहीं है।
अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद विकलांग कल्याण सहायता समिति ने डीएम, एसपी, सीडीओ के एक साथ तबादले को लेकर शासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। नहर कालोनी में विकलांगों की बैठक में तीनों अधिकारियों को निहायत ईमानदार और कर्मठ की संज्ञा दी गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति के प्रबंधक जितेंद्र मिश्रा अष्टाबक्र ने कहा कि लंबे समय बाद यह समय ऐसा आया था कि जिले में अमन चैन कायम हुआ था। इसके बाद कुछ चापलूस नेताओं ने साजिश रचकर तीनों अधिकारियों का तबादला करा दिया है, जो जिले के लिए दुखद बात है। तीनों अधिकारियों के तबादलों पर रोक लगाई जाए। बैठक में जिलाध्यक्ष मनोज कुमार, जितेंद्र सिंह गौर, जवाहरलाल आदि ने तबादले निरस्त न होने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी है।