निर्देश के बाद भी जरौली पंप कैनाल का मंगलवार को भी संचालन नहीं हो सका। इससे किसानों को फसलों की सिंचाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। नहर में समय पर पानी न आने से गेहूं की फसल सूखने लगी है। किसान नहर में पानी आने की राह देख रहे हैं।
बता दें कि शनिवार को सिंचाई बंधु की बैठक में जरौली पंप कैनाल चलाने की किसानों ने मांग उठाई थी। अधिशासी अभियंता वैभव सिंह ने 20 दिसंबर को पंप कैनाल चलाने के आश्वासन दिए थे। मंगलवार को भी जरौली पंप कैनाल नहीं चल पाया है। लघु डाल (जरौली पंप कैनाल) एसडीओ वीके श्रीवास्तव का कहना है कि निचली गंगा नहर के अधिशासी अभियंता ने पंप कैनाल चलाने का आदेश नहीं मिला है। इसके आने के दो घंटे बाद पंप कैनाल चला दिया जाएगा। उधर अधिशासी अभियंता वैभव सिंह ने बताया कि जरौली पंप कैनाल का निरीक्षण करने आए हैं। सब कुछ सही पाए जाने पर पंप कैनाल चलाने के आदेश जारी किया जाएगा।
मनावा के किसान शिवकुमार का कहना है कि एक महीना से अधिक हो गए गेहूं की फसल बुआई किए हुए। दिन की धूप में फसल मुर्झाने लगी है। डेढ़ महीने से जरौली पंप कैनाल बंद है। सिल्ट सफाई के बाद 15 दिसंबर से नहर में पानी आने की सूचना थी। अभी तक पानी नहीं आया है।