असोथर क्रय केंद्र में पड़ा गेहूं, पसरा सन्नाटा
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फतेहपुर। मौसम की मार से प्रभावित गेहूं की गुणवत्ता खाद्य विपणन विभाग और एफसीआई की टीम ने जांची। ब्लाक स्तर पर हाटशाखा के क्रय केंद्रों में किसानों के गेहूं का नमूना लिया। सभी नमूने फेल हो गए।
गेहूं के दानों में सिकुड़न मानक से अधिक पाई गई। एफसीआई गुणवत्ता प्रभारी आनंद अवस्थी ने जांच रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी है। वहां से संशोधन हुआ तो किसानों को गेहूं बेचने में सहूलियत मिलेगी।
तब तक पुराने मानक छह फीसदी सिकुड़न वाले गेहूं ही केंद्र प्रभारी खरीद सकेंगे। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को सरकारी मानक पूरा करना होता है।
छह प्रतिशत टूटे और सिकुड़न, 12 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। किसानों की भरपूर लागत के बावूजद भी इस बार जनवरी और फरवरी की बारिश से गेहूं का दाना कमजोर हो गया है।
केंद्र प्रभारियों की शिकायत पर डिप्टी आरएमओ रमेश श्रीवास्तव और एससीआई के क्वालिटी मैनेजर आनंद अवस्थी ने गेहूं की गुणवत्ता जांची।