कस्बे में करीब डेढ़ साल पहले बने 20 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं अभी शुरू नहीं हुई हैं। लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी क्षेत्रीय लोगाें को लाभ नहीं मिल रहा है।
कस्बे से करीब पांच सौ मीटर दूर निर्मित अस्पताल भवन वर्ष 2011-12 में शासन से स्वीकृत हुआ था। कार्यदायी संस्था ने 2013 के मार्च माह में भवन का निर्माण कर दिया था। अब तक भवन लावारिस हालत में है। विभाग ने अभी तक हस्थगत नहीं किया।
भवन के अलावा, बिजली, पेयजल और संपर्क मार्ग की व्यवस्था भी पूरी कर दी गई है। बता दें कि अस्पताल में सभी प्रकार की बीमारियों के उपचार के साथ दुर्घटनाग्रस्त और गंभीर मरीजों को भर्ती करने की भी व्यवस्था होगी।
वहीं सभी रोगाें के विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती भी होगी। क्षेत्र के सुनील कुमार सिंह, अखिलेश सिंह, जंगबहादुर, अमित सिंह, विवेक, मोहम्मद कलीम, गुलाब सिंह और सोहन सिंह ने बताया कि अस्पताल हैंडओवर न होने से मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
गंभीर मरीजों को मजबूरी में अन्य अस्पतालों में जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसा अधिक खर्च होता है। चिकित्साधीक्षक शशिकांत वर्मा ने बताया कि हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है।