फतेहपुर। स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से 10 कर्मचारियों की नियुक्ति के मामले में सीएमओ ने तत्कालीन प्रभारी सीएमओ डॉ. इम्तियाज अहमद से आठ बिंदुओं पर जवाब मांगा है। नियुक्तियों के लिए सक्षम आदेश, शासनादेश, वित्तीय स्वीकृति, विज्ञापन, चयन प्रक्रिया और संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं। जवाब और दस्तावेज मिलने के बाद भर्ती में नियमों के पालन की स्थिति स्पष्ट होगी।
सीएमओ डॉ यूबी सिंह ने पहले बिंदु में पूछा है कि एजेंसी के माध्यम से 10 कर्मचारियों की नियुक्ति 30 मई को किस सक्षम आदेश, शासनादेश, वित्तीय स्वीकृति और नियमावली के तहत की गई। नियुक्ति का आधार स्पष्ट करने के साथ संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
दूसरे बिंदु में विभागीय और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से जुड़े अभिलेख मांगे गए हैं। यह भी पूछा गया है कि नियुक्ति के लिए किस अधिकारी की अनुमति ली गई थी और उसकी लिखित स्वीकृति कहां है।
तीसरे बिंदु में पूछा है कि 10 कर्मचारियों की भर्ती के लिए किन-किन राष्ट्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया था। वह किस तारीख को जारी हुआ। विज्ञापन की प्रतियां भी मांगी गई हैं।
यदि विज्ञापन प्रकाशित कराया गया था तो उसके माध्यम से कितने अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। कितने चयन प्रक्रिया में शामिल हुए और चयन का आधार क्या रहा, यह भी जांच में महत्वपूर्ण होगा।
चयन प्रक्रिया के पूरे अभिलेख तलब
चौथे बिंदु में भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं। इनमें विज्ञापन, चयन प्रक्रिया, चयन स्वीकृति, चयन संबंधी कार्यवृत्त और अन्य संबंधित अभिलेख शामिल हैं। इनसे यह स्पष्ट होगा कि नियुक्ति से पहले चयन समिति गठित हुई थी या नहीं। अभ्यर्थियों की योग्यता का परीक्षण कैसे हुआ और चयन को किस स्तर से मंजूरी मिली। एजेंसी के माध्यम से नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुरूप थी या नहीं, यह भी सामने आएगा।
बजट ही नहीं तो वेतन का आधार क्या था
सीएमओ ने पांचवें बिंदु में पूछा है कि जब शासन से बजट उपलब्ध नहीं था और वित्तीय स्वीकृति भी नहीं थी तो 10 कर्मचारियों की भर्ती किस आधार पर की गई। नियुक्त कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान किस मद से किया जाना था। इसकी जानकारी भी मांगी गई है।
वित्तीय स्वीकृति के बिना नियुक्ति की स्थिति में विभाग पर वित्तीय दायित्व कैसे आया और उसका निर्वहन किस व्यवस्था के तहत होना था। इसका जवाब भी तत्कालीन प्रभारी सीएमओ से मांगा गया है।
नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया पर भी सवाल
छठवें बिंदु में 30 मई को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रशासनिक प्रक्रिया पर जवाब मांगा गया है। पूछा गया है कि नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले कौन-कौन सी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं। संबंधित फाइल, आदेश और स्वीकृतियां भी जांच के दायरे में हैं।
एक माह तक संज्ञान में क्यों नहीं आया मामला
सातवें बिंदु में सीएमओ ने समय-सीमा को लेकर सवाल किया है। पूछा गया है कि यह प्रकरण एक माह से अधिक समय तक उनके संज्ञान में क्यों नहीं लाया गया। यदि 30 मई को नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे तो भर्ती से संबंधित दस्तावेज कार्यालय अध्यक्ष को समय से क्यों नहीं दिए गए।
भर्ती के दस्तावेज कार्यालय अध्यक्ष को क्यों नहीं दिए गए
आठवें बिंदु में पूछा गया है कि भर्ती से संबंधित दस्तावेज लंबे समय तक कार्यालय अध्यक्ष के पास क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए। नियुक्ति से जुड़ी फाइल, स्वीकृति और अन्य अभिलेख कार्यालय में उपलब्ध रहने चाहिए थे। ऐसे में दस्तावेज उपलब्ध न होने का कारण भी तत्कालीन प्रभारी सीएमओ से पूछा गया है।
भर्ती के बाद वेतन भी नहीं हुआ जारी
सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने बताया कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती किए गए 10 कर्मचारियों के वेतन के लिए अभी तक विभाग को कोई बजट जारी नहीं हुआ है। वित्तीय स्वीकृति के अभाव में वेतन भुगतान नहीं किया गया है। भर्ती प्रक्रिया की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
भर्ती प्रकरण में तत्कालीन प्रभारी सीएमओ से आठ बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। भर्ती से संबंधित शासनादेश, वित्तीय स्वीकृति, विज्ञापन, चयन प्रक्रिया और अन्य अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब और दस्तावेज मिलने के बाद पूरे प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. यूबी सिंह, सीएमओ।