अमर उजाला शॉपिंग फेस्टिवल में कपड़े की दुकान में लगी भीड़।
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दोआबा की धरा में रिश्ते की एक डोर पिरोकर अमर उजाला शॉपिंग फेस्टिवल का रविवार को समापन हो गया। एक छतरी के नीचे हर किसी ने अपनी ख्वाहिश पूरी की। आखिरी दिन भी खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। दुकान समेटने को तैयार स्टॉल वालों से कुछ दिन और रुक जाने की भी गुजारिश खरीदारों के मुंह से सुनने को मिली। फतेहपुरवासियों ने इसे जिले की अब तक की सबसे बड़ी शॉपिंग फेस्टिवल बेबाक स्वीकारा। इसके पीछे उम्मीद से कहीं ज्यादा इस फेस्टिवल में खरीदने के मौके का मिलना रहा।
अमर उजाला और टाटा शक्ति के सहयोग से आईटीआई कैंपस में 20 जून से शॉपिंग फेस्टिवल का आगाज हुआ था। इस बाजार मेला में रोजमर्रा से जुड़ी वस्तुओं को खरीदने से लेकर विलासिता की खरीदारी के इंतजामात होने से एक बार फेस्टिवल का हिस्सा बनने को आए लोग फिर से आने को मजबूर हो गए। किसी को यहां का अचार भाया तो किसी को फेस्टिवल में वाहन बुक कराने पर मिलने वाला लाभ। महिलाओं के बीच जारजट व सिल्क की साड़ी उनकी पहली पंसद बनी रही। किसी ने मोटापा कम करने के लिए मशीन खरीदी तो किसी ने ड्राइंग रूम से लेकर बेड रूम को आकर्षक बनाने के लिए सोफा कम बेड खरीदा।
बच्चों ने मिक्की हाउस मेें मौजमस्ती काटने से लेकर गुब्बारा पर निशाना साधने वाले स्टॉल पर बंदूक थामे नजर आए। वहीं पजल्स खरीदने की दीवानगी भी इनके सिर चढ़ कर बोलती रही। फेस्टिवल के आखिरी दिन भी कई क्षेत्र से लोग खरीदारी को आए। असोथर के पंकज सिंह अपने दोस्तों के साथ कॉटन की शर्ट लेने आए थे। पंकज के साथी राहुल स्टॉल वाले से कुछ दिन और रुक जाने की बात करते सुने गए। शहर के चौक बाजार के रहने वाले मनोज अमर उजाला की इस पहल के मुरीद दिखाई दिए।