फतेहपुर। जिले में ग्रामीण विकास की रफ्तार प्रशासनिक लापरवाही के चलते थमती नजर आ रही है। जिले की 816 ग्राम पंचायतों को 257 कलस्टरों में विभाजित किया गया है, लेकिन वर्तमान में केवल 156 ग्राम पंचायत सचिव ही तैनात हैं। स्थिति यह है कि करीब 10 माह पहले नियुक्त किए गए 40 सचिवों को अब तक तैनाती नहीं मिली है।
प्रशिक्षण के बाद इन सचिवों को विभिन्न ब्लॉकों में तो भेजा गया, लेकिन न तो किसी पंचायत भवन की जिम्मेदारी दी गई और न ही कोई कलस्टर आवंटित किया गया। नियुक्ति के 10 महीने बीतने के बावजूद इन्हें सिर्फ कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पहले से कार्यरत कई सचिवों को दो से तीन कलस्टरों का कार्यभार संभालना पड़ रहा है। इससे योजनाओं के संचालन में देरी हो रही है। मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाएं सीधे प्रभावित हो रही हैं।
इस स्थिति से न केवल सचिव परेशान हैं, बल्कि ग्रामीणों को भी योजनाओं का समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित सचिवों को जल्द से जल्द पंचायत सौंपकर तैनाती सुनिश्चित की जाए।
ये हैं कलस्टर
12 से 15 हजार की आबादी को मिलाकर एक कलस्टर बनाया जाता है। जिले में 816 गांवों के सापेक्ष 257 कलस्टर बनाए गए हैं। उस हिसाब से जनपद में एक कलस्टर में तीन गांव आ रहे हैं।