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बंजर भूमि पर तीन बलवाइयों का अतिक्रमण जेसीबी से ढहाया

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रिठवां गांव में अतिक्रमण ढहाती जेसीबी मशीन। संवाद - फोटो : FATEHPUR
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असोथर। रिठवां गांव के तीन कब्जेदारों से राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने निर्माण ढहाकर बंजर जमीन को कब्जा मुक्त कराया। वहीं सोमवार को टीम पर हमला करने वाले 13 आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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रिठवां गांव स्थित बंजर भूमि पर गांव के रघुनंदन, शिवनंदन और रमेश दुबे ने अतिक्रमण कर रखा था। अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व और पुलिस टीम सोमवार को मौके पर पहुंची थी।
जहां अतिक्रमणकारियों ने टीम पर हमला कर दिया था। यह कब्जा हटाने के लिए मंगलवार को तहसीलदार सदर विदुषी सिंह, नायब तहसीलदार सदर विकास पांडेय, थानाध्यक्ष रणधीर बहादुर सिंह, थरियांव थाने से एसआई विनोद कुमार समेत पुलिस और राजस्व कर्मी पहुंचे।
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टीम के पहुंचने पर अतिक्रमणकारी घरों से भाग निकले। जेसीबी लगाकर इनके निर्माण को ढहाया गया।
लेखपाल देवेंद्र सिंह की ओर से निवर्तमान प्रधान श्रवण कुमार विश्वकर्मा, शोभा व उसकी पत्नी रूपरानी, रमेश चंद्र के तीन बेटे अंशू, अक्कू, अन्नू, लल्लू का पुत्र पिंटू और पत्नी कमला देवी, पवनेश, ललित मौर्या, रोहित, भगवत व एक अज्ञात के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी, बलवे, सेवन सीएल की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस ने कानूनगो रामरूप, रिठवां लेखपाल देवेंद्र सिंह, हाशिमपुर भेदपुर के लेखपाल राजेंद्र तिवारी, सेमरी लेखपाल राजेंद्र सिंह का मेडिकल परीक्षण कराया है।
लेखपाल की भूमिका पर लगाए आरोप
मामले में आरोपी रूपरानी की ओर से थाने में लेखपाल देवेंद्र सिंह के खिलाफ तहरीर दी गई है। उसका आरोप है लेखपाल ने पहले 10 हजार रुपये की उससे रिश्वत लेकर मकान बनाने को कहा था।
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गांव के विरोधी पक्ष से मिलकर लेखपाल ने ऐसा किया है। जबकि उनका घर कई साल पहले इस जगह पर बना था।
घर गिर जाने की वजह से दोबारा निर्माण की तैयारी कर रहे थे। उधर, लेखपाल ने बताया कि आरोप गलत लगाए जा रहे हैं।
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