फतेहपुर। शहर के नउवाबाग स्थित एक होटल में शुक्रवार को एक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम जीवन के प्रथम 1000 दिवस परियोजना के दूसरे चरण के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत चार दिवसीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और शुरुआती सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करना है।
23, 24, 26 और 27 अक्तूबर को आयोजित इस प्रशिक्षण में बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा स्वास्थ्य विभाग के करीब 89 अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। सीडीओ पवन कुमार मीना के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों विभागों के मास्टर ट्रेनर्स तैयार करना है जो आगे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रशिक्षित करेंगे।
प्रतिभागियों को सात विषयों पर आधारित मॉड्यूल, नींव फ्लिपबुक और सामुदायिक गतिविधियों से जुड़ी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। वर्ष 2022 से संचालित इस पहल में वैन लीर फाउंडेशन और विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसायटी तकनीकी सहयोग दे रहे हैं।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ एसीएमओ डॉ. इस्तियाक अहमद, वैन लीर फाउंडेशन के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक अनुभव गर्ग, विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसायटी की कार्यक्रम प्रबंधक दूर्वा घोष और जिला कार्यक्रम प्रबंधक अजय लावरे ने किया।