फतेहपुर। परिवहन विभाग की लापरवाही से शासन को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। विभाग कागजी कार्रवाई करके अपना दामन बचाता रहा है। जिले में ऐसे ही व्यवसायिक वाहनों पर टैक्स के नाम पर 10 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस पर शासन ने नाराजगी जताते हुए जिला परिवहन विभाग को प्रतिकूल प्रविष्टि भेजी है।
जिले में करीब 24 हजार पांच सौ कामर्शियल वाहन पंजीकृत हैं। इसमें टैक्सी वाहन, यात्री बस एवं बड़े वाहन शामिल हैं। इसमें लगभग 11 सौ वाहन स्वामियों ने कभी टैक्स ही जमा नहीं किया है और सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी लगातार सड़कों पर निगरानी करते रहते हैं, लेकिन वाहन की धरपकड़ से दूर ही रहते हैं।
विभाग की लापरवाही और हीलाहवाली का नतीजा है कि ग्यारह सौ वाहनों पर साल दर साल टैक्स बढ़ता रहा और ये बेखबर रहे। शासन स्तर पर राजस्व में कमी होने पर चिंता जाहिर की गई, तो विभाग के कान खड़े हुए। विभाग ने ऐसे लगभग 13 सौ वाहनों को नोटिस और कागजी कार्रवाई करना शुरू किया। इसमें सिर्फ 184 से ही टैक्स की भरपाई की जा सकी है। लगभग 11 सौ बकायेदार के पास अभी भी 10 करोड़ रुपये का टैक्स बाकी है। राजस्व नुकसान को लेकर शासन स्तर पर भी जिला परिवहन विभाग को नोटिस मिल चुकी है। इसके बाद भी सरकारी कामकाज में तेजी नहीं आई है।
वर्जन.....
जिन वाहन स्वामियों ने टैक्स जमा नहीं किया है। उनकी आरसी निकालकर तहसील व अमीन के माध्यम से रिकवरी की जा रही है।
- पुष्पांजलि मित्रा गौतम, एआरटीओ, प्रशासन, फतेहपुर