फतेहपुर। परिषदीय स्कूलों के कनेक्शन में बेसिक शिक्षा विभाग ने खेल किया। जिले के कुल 2650 स्कूलों में विद्युत कनेक्शन के लिए 3435 विद्युत कनेक्शन जोड़े गए और इसके लिए पांच करोड़ 63 लाख 38 हजार 220 रुपये की धनराशि खर्च की गई। बेसिक शिक्षा विभाग के अभिलेखों में अभी तक सिर्फ 1102 स्कूलों में ही विद्युत कनेक्शन होना दर्ज है।
जिले में 2020 तक 2650 परिषदीय स्कूल संचालित थे। इनमें एक परिसर में चलने वाले कई स्कूलों का विलय कर बेसिक शिक्षा विभाग ने कंपोजिट विद्यालय बना दिया। इस तरह से अब जिले में कुल स्कूलों की संख्या 2126 बची है। शासन ने स्कूलों के विलय के पहले 2008-09 से परिषदीय स्कूलों में बिजली कनेक्शन जोड़ने की शुरुआत की।
पहले साल थोक के भाव 851 स्कूलों में कनेक्शन के लिए दो करोड़ 31 लाख 93 हजार 157 रुपये का बजट खर्च किया। इसके बाद 2020-21 तक लगातार बिजली कनेक्शन जुड़वाने के नाम पर विभाग लाखों रुपये खर्च करता रही।
इसके बावजूद अभी तक सिर्फ 1102 स्कूलों में ही बिजली कनेक्शन हुआ। बेसिक शिक्षा विभाग 2650 स्कूलों के सापेक्ष 785 अधिक कनेक्शनों के लिए धनराशि खर्च कर चुका है। इस तरह से बेसिक शिक्षा विभाग 14 साल में पांच करोड़ 63 लाख 38 हजार 220 रुपये का भारी भरकम बजट खर्च कर चुका है।
बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने कहा किकार्यालय में पूर्व में कराए गए विद्युत कनेक्शन का कोई रिकार्ड नहीं है। विभाग ने अब तक विद्युत कनेक्शन के नाम पर कितना खर्च किया। यह भी मेरी जानकारी में नहीं है। सभी बीईओ से उनके क्षेत्र में विद्युतीकरण वाले स्कूलों की रिपोर्ट मांगी गई है।