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Fatehpur News: 23 घंटे गुल रही बिजली, एक लाख की आबादी बेहाल

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फतेहपुर। शहर के साथ क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। कहीं पेड़ के टूट कर गिरने से तो कहीं रोस्टिंग के चलते आपूर्ति चालू होने के बाद भी बिजली गुल हो गई। मुराइनटोला उपकेंद्र के हरिहरगंज फीडर में रात के डेढ़ बजे से व बिंदकी में लगभग 23 घंटे से आपूर्ति बाधित होने के कारण लोग बूंद-बूंद पानी के तरस गए हैं।
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बिंदकी क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर से शनिवार दोपहर तक बिना बिजली के जनजीवन को संकट का सामना करना पड़ा। आंधी व बारिश के कारण पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। बिंदकी-कुंवरपुर मार्ग पर 12 से अधिक पेड़ तेज हवाओं की चपेट में आकर हाईटेंशन तारों पर गिर पड़े। इससे 11 और 33 केवीए की कई लाइनें टूट गईं और पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। विद्युत आपूर्ति बहाल करने में विभाग को पूरे 23 घंटे का समय लग गया। इसका सीधा असर एक लाख से अधिक आबादी पर पड़ा।
कस्बे में दोपहर ढाई बजे से बिजली गुल होने के कारण नलकूप, जल संस्थान की मोटरें व घरों के पंप बंद हो गए। शनिवार सुबह होते ही जल संकट गहराने लगा। लोग पानी के लिए भटकते नजर आए। कई इलाकों में लोगों को दूर-दराज के हैंडपंपों या कुओं से पानी लाना पड़ा। कुछ स्थानों पर पानी को लेकर बहस व झगड़े की नौबत भी आ गई। बच्चों व बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। जहां एक ओर स्थानीय लोग राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे कि सुबह बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी। वहीं बिजली विभाग की कार्यप्रणाली ने लोगों को निराश किया। 23 घंटे तक लाइन मरम्मत का काम रेंगता रहा। न तो वैकल्पिक आपूर्ति की कोई व्यवस्था की गई, न ही सूचना देने की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई दी। जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर दोष मढ़ते नजर आए। शुक्रवार की शाम हल्की बारिश ने कुछ राहत दी, लेकिन उसके बाद उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। बिजली न होने से पंखे, कूलर व एसी सब बंद पड़े रहे। बच्चे व बुजुर्ग गर्मी से बेहाल दिखे। कई इलाकों में मोबाइल चार्ज न होने से लोग संपर्क से भी कट गए। कुछ लोगों ने छत पर टहलकर रात गुजारी। लोगों ने आरोप लगाया कि हर साल बारिश व आंधी के मौसम में यही हाल होता है, लेकिन विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं करता। आपातकालीन स्थितियों में वैकल्पिक बिजली की व्यवस्था की जाए और ऐसे हादसों से निपटने के लिए पूर्व योजना होना चाहिए।
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