फतेहपुर। बिजली विभाग अधिकारियों ने उपभोक्ता हितों दरकिनार करते हुए 20 एमवीए की क्षमता वाले असोथर उपकेंद्र की क्षमता डेढ़ माह पहले घटाकर 15 एमवीए कर दिया। इसके बाद उपकेंद्र से जुड़े करीब 50 गांव के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
जिले के यमुना तटवर्ती क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति के लिए असोथर में 20 एमवीए की क्षमता का उपकेंद्र बना है। इसमें 10-10 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर लगे थे। पांच जुलाई को असोथर उपकेंद्र का एक 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इसे हटाकर विभाग ने पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया था। अधिकारियों ने आश्वासन दिया था, जो जल्द से जल्द 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर बनारस से मंगाकर लगा दिया जाएगा।
डेढ़ महीने का अरसा गुजर गया, लेकिन अभी तक बिजली विभाग 10 एमवीए के ट्रांसफार्मर की व्यवस्था नहीं कर पाया है। ऐसे में उपकेंद्र से जुड़े गांवों को मुश्किल से तीन से चार घंटे बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। पर्याप्त बिजली आपूर्ति न मिलने के कारण नलकूपों का संचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे सिंचाई के अभाव में धान की फसल प्रभावित हो रही है। उपकेंद्र के जेई प्रदीप कुमार का कहना है कि अभी एक सप्ताह पहले कार्यभार ग्रहण किया है। इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। क्यों उपकेंद्र की क्षमता घटाई गई है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
जरौली निवासी किसान रामगोपाल निषाद का कहना है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का कोई समय निर्धारित नहीं है। उसमें भी तीन से चार घंटे बिजली मिल रही है, जिससे नलकूपों से धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल प्रभावित हो रही है।
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असोथर निवासी किसान गंगा सागर का कहना है कि उपकेंद्र की क्षमता घटने से यह समस्या उत्पन्न हुई है। ट्रांसफार्मर फुंकने से पहले 10 से 12 घंटे बिजली मिल रही थी। इससे फसलों की सिंचाई में कोई दिक्कत नहीं हो रही थी। अब धान की फसल में भगवान का ही भरोसा है।