फतेहपुर। बकेवर थाना क्षेत्र में दो जुलाई से लापता एक कंपनी के इलेक्ट्रीशियन की नृशंस हत्या में दंपती को पुलिस ने शनिवार को जेल भेजा है। मामले का एसपी ने खुलासा किया है। पुलिस ने मिले कंकाल का डीएनए परीक्षण कराने के लिए नमूना एकत्र कराया है। शरीर के कई हिस्से गायब हैं।
बिंदकी कोतवाली बकेवर सीमा अंतर्गत रिंद नदी किनारे मानव कंकाल आठ जुलाई को मिला था। कंकाल के शरीर की कई हड्डियां भी गायब हैं। कंकाल की पहचान पत्थर की एक आंख से जाफरगंज थाने के कसियापुर निवासी राहुल पटेल (28) के मूल निवासी के रूप में शुक्रवार को हुई थी। वह परिवार के साथ कानपुर के स्वर्ण जयंती काॅलोनी में रहता था। उसकी गुमशुदगी भी कानपुर सेन पश्चिमी पारा थाने में चार जुलाई को दर्ज हुई थी। मोबाइल की अंतिम लोकेशन बकेवर थाने के भैरमपुर गांव में मिली थी। पुलिस लाइन में एसपी ने बताया कि युवक के लापता होने के बाद अंतिम काॅल में बकेवर सरायं बंबी गली निवासी रामभवन की पत्नी सरिता से बातचीत का पता लगा। जिस आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास से शनिवार को सरिता व रामभवन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि रामभवन अपने परिवार समेत राहुल पटेल के गांव कसियापुर में किराये पर रहकर सिलाई का काम करता था। करीब पांच साल से राहुल व सरिता के बीच नजदीकी रिश्ते थे। अक्सर राहुल गांव के आने के बहाने सरिता से मिलता था। करीब डेढ़ साल से रामभवन बकेवर में मकान बनाकर रहने लगा था। सरिता के राहुल पटेल से अवैध संबंध का रामभवन विरोध करता था। उसने साजिश के तहत सरिता से दो जुलाई की रात फोन पर राहुल से बातचीत कराई। उसने रात 12 बजे घर बुलाया। दोनों ने उसकी रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। हाथ पैर रस्सी से बांधकर शव राहुल की बाइक से बोरे में भरकर रिंद नदी किनारे टरुवापुर कृपालपुर के पास ले गए। शव को पहले जलाया। जलाने के बाद बांका व आरी से शव के कई टुकड़े किए। हाथ, पैर, गर्दन अलग कर दिया। पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग टुकड़ों में फेंक दिया। आरी ब्लेड से राहुल की बाइक को टुकडों में काटकर झाडि़यों में छिपा दिया था। आरोपियों की निशादेही पर राहुल पटेल की बाइक के कटे पार्ट, दो चश्मा, एक क्षतिग्रस्त मोबाइल, बेल्ट, आलाकत्ल रस्सी, बांका, आरी बरामद किया है।