फतेहपुर। जिले के 13 उपकेंद्रों को कटौती मुक्त करने और 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के आदेश के बाद भी लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। कई क्षेत्रों में बमुश्किल आठ घंटे ही आपूर्ति हो पा रही है। कई उपकेंद्र के फीडर ओवरलोड होने के कारण दो दिन से बंद हैं। बिजली न मिल पाने से किसानों के सामने भी पानी का संकट खड़ा हो गया है।
कटौती मुक्त हुए उपकेंद्र में असोथर भी शामिल है। लेकिन ओवरलोडिंग और फाल्ट की समस्या के कारण इस उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। सोमवार शाम चार बजे 33 केवीए लाइन के चार खंभों के तार टूट गए, जिससे बिजली आपूर्ति बंद हो गई। मंगलवार दोपहर 12 बजे आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन कोर्रा जहानपुर, सातो, पुरगांव समेत कई गांवों की बिजली अभी भी बंद है।
इसी प्रकार थरियांव उपकेंद्र भी कटौती मुक्त है। इससे जुड़े मंडासराय फीडर के मलांव, खरसोला, शिवपुर गांव की बिजली तीन दिन से बंद है। मंगलवार को तीन घंटे के लिए बिजली चालू हुई और फिर बंद कर दी गई। किसानों का कहना है कि अघोषित कटौती के कारण पानी मिलना मुश्किल हो गया है। जब बिजली आती है तो वोल्टेज इतना कम रहता है कि ट्यूबवेल नहीं चल पाते हैं। इससे फसलें खराब हो रही हैं।