तामीर-ए-वतन (देश निर्माण) में मुसलमानों की भूमिका
और आजादी में उनके महत्व को लेकर 8 फरवरी को शहर में एक बड़ा जलसा होने जा
रहा है।
इसको लेकर जमीयत शुब्बानुल मुस्लिमीन की एक बैठक मुराइन टोला
स्थित एक मैरिज हाल में हुई। इसमें जमीयत उलेमा के प्रदेश उपाध्यक्ष मौलाना
मतीनुल हक ओसामा भी शमिल हुए। लाला बाजार ग्राउंड में होने वाले इस
कार्यक्रम में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी
के शामिल होने की संभावना है।
मौलाना मतीनुल हक ओसामा ने
बताया कि मौलाना महमूद मदनी से कार्यक्रम लिया जा रहा है। उम्मीद है कि वह
जलसे में शामिल होने की अनुमति देंगे।
इस जलसे के माध्यम से
मुसलमानों में जागरूकता लाई जाएगी। साथ ही समाज में यह संदेश भी दिया जाएगा
कि जंग-ए-आजादी में मुसलमानों ने कितनी कुर्बानियां दीं। इसके अलावा
मौजूदा हालात में वतन की तामीर के लिए मुसलमानों की क्या भूमिका होनी
चाहिए।
उन्होंने बताया कि मुस्लिम समाज में जागरूकता बढ़ी है।
शिक्षा समेत तमाम अन्य क्षेत्रों में मुसलमान आगे बढ़ रहे हैं। जमीयत का
यही मिशन भी है कि मुसलमान बढ़ चढ़कर देश की तरक्की और उसके निर्माण में
भागीदार बनें। इसी उद्देश्य से यह जलसा फतेहपुर में करने का निर्णय लिया
है। इस जलसे में सभी धर्मों के धर्मगुरुओं को भी आमंत्रित किया जाएगा।
जमीयत
शुब्बानुल मुस्लिमीन के मौलाना इसहाक ने बताया कि जलसे को लेकर हुई बैठक
में मौलाना मतीनुल हक ओसामा ने तैयारियों को लेकर चर्चा हुई है। इस बैठक
में मौलाना अकरम जामई, मौलाना उमर शरीफ, मौलाना अब्दुल मोईद कासमी, मौलाना
खलील, हकीम खालिद, वकील आदि मौजूद रहे।