संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। शहर में इस बार बारिश के पहले नालों की सिल्ट सफाई नहीं हो पाएगी। ऐसे में शहरवासियों को जलभराव के साथ बीमारियों से जूझना तय है। इस समस्या से निपटने के लिए शहरवासियों को अपनी ओर से तैयारी करनी होगी, क्योंकि पालिका के अधिकारी भी मान चुके हैं कि अब बारिश से पहले नालों की सफाई मुश्किल है।
शहर में एक मीटर से अधिक चौड़ाई वाले नालों की सिल्ट सफाई का काम नगर पालिका का निर्माण विभाग कराता है। इस तरह के नगर पालिका क्षेत्र में 14 नाले हैं, जिनकी लंबाई करीब 20 किमी है। पूरे शहर का पानी इन्हीं नालों के रास्ते शहर के बाहर निकलता है। अभी तक नालों की सिल्ट सफाई की टेंडर प्रक्रिया तक प्रारंभ नहीं हुई है। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करने में 20 दिन का समय लगता है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार मानसून सक्रिय होने में अब सिर्फ 15 दिन ही बचे हैं। ऐसे में साफ है कि नालों की सिल्ट सफाई नहीं हो पाएगी। सिल्ट सफाई के लिए कदम भी उठाए जाते हैं, तो बारिश से पहले पूरे नालों की सफाई करना आसान नहीं है। ऐसी स्थिति में शहरवासियों को बारिश में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत है।वहीं नगर पालिका चेयरमैन और सभासद के शपथ ग्रहण के बाद अभी तक बोर्ड की पहली बैठक की तिथि तक घोषित नहीं है। ऐसे में नालों की सफाई पर चर्चा भी बेमानी साबित होगी।
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रामगंज पक्का तालाब मोहल्ला निवासी इंद्रजीत सिंह एडवोकेट का कहना है कि नगर पालिका ने समय से नालों की सिल्ट सफाई नहीं कराई। ऐसे में शहर में जलभराव होना तय है। अगर जलभराव हुआ, तो बीमारियां भी फैल सकती हैं। इसके लिए शहरवासियों को तैयार रहना होगा।
गढ़ीवा मोहल्ला निवासी देवेंद्र सिंह का कहना है कि बारिश के पहले नालों की सिल्ट सफाई होती आई है। यह पहली बार होने जा रहा है, जब नालों की सिल्ट सफाई नहीं हो रही। अगर अच्छी बारिश हुई, तो शहर के कई मोहल्ले तालाब बन जाएंगे और नगर पालिका को स्थिति संभालना मुश्किल होगा।
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जल जनित बीमारियां बढ़ेंगी
फिजिशियन डॉ. एसके सिंह ने बताया कि लगातार जलभराव होने से जल जनित बीमारियां फैलती हैं। जलभराव से मच्छर पैदा होते हैं। मलेरिया, उल्टी-दस्त का खतरा बढ़ता है। इसे रोकने के लिए आसपास जलभराव को रोकना होगा। बारिश के दौरान गंदा पानी सप्लाई की भी शिकायत बढ़ती है। उस बीच पीने के पानी पर विशेष ध्यान दें। उबालकर पानी पीएं।
कोई भी नया कार्य कराना बोर्ड के कार्यक्षेत्र में आता है। बोर्ड न होने के कारण अभी तक नालों की सिल्ट सफाई का टेंडर नहीं हो पाया। चेयरमैन से नालों की सिल्ट सफाई के विषय में चर्चा की गई है, लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला है। अब नालों की सिल्ट सफाई हो पाना मुश्किल है।
- अमित जायसवाल, अवर अभियंता सिविल