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फसल बर्बादी के सदमे में तीन किसानों ने दम तोड़ा

Tue, 21 Apr 2015 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
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फसल बर्बादी के सदमे में किसानों की मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। ललौली थाना क्षेत्र के दसौली निवासी युवा किसान ने रविवार की शाम फांसी लगा जान दे दी। सोमवार को मलवां के गांव उमरगहना निवासी बुजुर्ग किसान की बर्बादी के सदमे में मौत हो गई। इसी तरह सुल्तानपुर घोष के अल्लीपुर भादर गांव निवासी किसान खेत में तबाही का मंजर देख गिर पड़ा और दम तोड़ दिया।
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ललौली थाना क्षेत्र के दसौली निवासी टिर्रा का पुत्र संतोष कुमार (35) बलकट में खेती लेकर पत्नी सुरेखा तथा मासूम बेटा शिवम व बेटी संध्या बीवी-बच्चों का भरण पोषण करता था। उसने रिश्ते में चाचा श्यामलाल निवासी कोयलारी मध्य प्रदेश की 15 बीघे खेती बलकट में ली थी।

खेती किसानी के लिए संतोष ने कर्ज ले रखा था। दैवीय आपदा के चलते संतोष के खेत से बीज तक का पैसा नहीं निकल सका। परिजनों ने बताया कि इधर कुछ दिन से उस पर साहूकारों दबाव डाल रहे थे। संतोष ने परिजनों से कर्जा उतारने में मदद भी मांगी थी। परिवार की ओर से सहयोग न मिलने पर संतोष परेशान रहता था। रविवार शाम को साढे़ चार बजे सूने घर में संतोष ने फांसी के फंदे से झूल करके आत्महत्या कर ली। जंगल से लौटने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई। मृतक के ससुर बोधन निवासी चंदौरा जिला बांदा ने बताया कि दामाद फसल बर्बाद होने से परेशान था। इसी वजह से फांसी लगाकर उसने आत्महत्या की है। उधर, ललौली के थानेदार मनोज पाठक ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट के बाद ही मौत पर कुछ कहा जा सकता है।
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इसी तरह मलवां विकास खंड के गांव उमरगहना निवासी जगमोहन (60) पुत्र धुन्नी ने चना व गेहूं की फसल बोई थी। सोमवार की सुबह जगमोहन खेत से घर आकर लेट गया। कुछ देर बार उसे घबराहट होने लगी। जब तक परिजन डाक्टर बुलाते उसने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि सर्वे न होने से सदमे में किसान की मौत हो गई। घटना से लेखपाल के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश है। मृतक की कोई औलाद नहीं है। भतीजे शिवनरेश पुत्र सदानंद ने एसडीएम जेएन सचान को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि लेखपाल ने उनके खेतों का सर्वे नहीं किया। इस बात का उन्हें और सदमा था। सूचना मिलने पर पहुंचे सपा के पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक और भाजपा सरकार के पूर्वमंत्री राजेंद्र सिंह पटेल ने ग्रामीणों को ढांढस बंधाया। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के अल्लीपुर भादर गांव के किसान शारदा प्रसाद (65) खेत गया था। खेत पर तबाही का नजारा देखने के कुछ देर बाद ही किसान अचेत होकर गिर पड़ा और मौत हो गई।

मुआवजा न मिलने से किसान परेशान
थरियांव(फतेहपुर)। मलांव गांव के किसान गोबर्धन लोधी ने बताया कि बारिश में फसलें पूरी तरह से चौपट हो गई है लेकिन अभी तक गांव के एक भी किसान को मुआवजे की धनराशि नहीं दी गई। खरसोला गांव के किसान रामप्रताप पाल ने बताया कि फसल की बर्बादी और साहूकार का कर्ज होने से नींद नहीं आती है। बच्चों के खर्च के लिए घर में एक पैसा नहीं है। मजदूरी करके किसी तरह से परिवार चला रहे हैं। फसल बर्बादी की चेक मिलने की अभी कोई सुनवाई नहीं है, जबकि आसपास के कई गांवों में चेकें बांटी जा चुकी हैं।
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